भीलवाड़ा. पंचायती राज चुनाव से पहले ही जिले की 162 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराने का झटका लग सकता है। इन 162 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने सरकारी पैसे का जमकर दुरुपयोग करते हुए मनमर्जी से साेलर लाइटें खरीद ली।
सरकार के निर्देश पर जिला परिषद में हुई विशेष जांच में यह खुलासा हुआ है। जिला परिषद सीईओ रामपाल शर्मा ने 162 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव तकनीकी अधिकारियों में 11 करोड़ 89 लाख 29 हजार 703 रुपए की रिकवरी निकाली है।
सीईओ ने छह हजार 753 सोलर लाइटों की खरीद में अनियमितता करने वाले इन सरपंच सचिवों से 20 दिसंबर तक यह राशि वसूलने के निर्देश जारी किए हैं। जिले की 383 में से 162 ग्राम पंचायतों के सरपंच इस अनियमितता में शामिल हैं। पंचायतीराज विभाग के नियमानुसार, यदि यह सरपंच वसूली का पैसा जमा नहीं कराएंगे तो आगामी चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे।
इतनी बड़ी रकम की वसूली आदेश होने से सरपंच-सचिवों में भी खलबली मची हुई है। सबसे ज्यादा आसींद पंचायत समिति की 43 ग्राम पंचायतों में तीन हजार पांच सोलर लाइटें खरीदी, जिनमें अनियमितता हुई है।
यहां हुई अनियमितता, ऐसे की जाएगी वसूली
सोलरलाइट संस्थापन की माप पुस्तिका में इंद्राज नहीं होेने पर वसूली योग्य राशि में से 50 प्रतिशत राशि सरपंच से तथा बाकी सचिव से वसूली जाएगी। यदि लाइट का संस्थापन माप पुस्तिका में इंद्राज होगा तो सरपंच, सचिव संबंधित इंजीनियर से यह राशि वसूल की जाएगी।
ऐसे की अनियमितता
पंचायतों को सोलर लाइट खरीद डीजीएस एंड डी के अधिकृत डीलर से करनी थी। अधिकांश ने इसकी पालना नहीं की। ऐसे में जिन लाइटों की कीमत 17 से 18 हजार रुपए थी उसे 24 से 26 हजार रुपए में खरीदा गया। 50 हजार से अधिक खरीद पर खुली निविदा का नियम है पर पंचायतों ने ऐसा नहीं किया।
पंस कुल पंचायतें वसूली, आसींद3005 43 65 लाख 19 हजार 128, बनेड़ा 345 14 83 लाख 57 हजार 580, हुरड़ा 185 11 44 लाख 15 हजार 900, जहाजपुर 704 23 1 करोड़ 63 लाख 90 हजार
कोटड़ी 143 6 18 लाख 92 हजार 740 रुपए
मांडल 530 16 86 लाख 74 हजार 950
मांडलगढ 76 10 17 लाख 33 हजार रुपए
रायपुर 183 12 24 लाख 67 हजार 194
सहाड़ा 39 4 07 लाख 23 हजार 969
शाहपुरा 412 19 80 लाख 53 हजार 242
सुवाणा 589 4 12 लाख रुपए