जहाजपुर/भीलवाड़ा. जिले के धांधोला गांव स्थित भगवान शेषावतार मंदिर से गत रात मूर्ति चोरी हो गई। चोरों ने मूर्ति को उखाड़ लिया लेकिन मूर्ति के पैर मंदिर में ही रह गए। पुजारी किशन लाल शर्मा के अनुसार मूर्ति नीलम की थी। यह करीब 800 साल पुरानी है। वारदात को लेकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। जहाजपुर थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
धांधोला निवासी सोहनलाल किशनलाल रविवार अलसुबह नियमित रामधुन निकालने के लिए मंदिर पहुंचे। जिन्हें मंदिर के ताले टूटे तथा मूर्ति गायब मिली। इसकी जानकारी उन्होंने पुजारी किशन पुत्र सोनाथ शर्मा ग्रामीणों को दी।
मूर्ति चोरी होने पर लोग आक्रोश व्यक्त करने लगे। सूचना पर जहाजपुर डीएसपी प्रहलाद सिंह थानाधिकारी राजू राम जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से चर्चा कर चोरी की वारदात का जल्द राजफाश करने का आश्वासन दिया। इस पर आक्रोशित लोग शांत हुए। पुजारी किशन लाल शर्मा की रिपोर्ट पर जहाजपुर पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज किया।
16 साल बाद फिर चोरी हुई मूर्ति
ग्रामीणों का कहना है कि भगवान शेषावतार की मूर्ति नीलम की थी। यह बेशकीमती मूर्ति 24 अगस्त 1998 को भी मंदिर से चोरी हो गई थी। जिसे विज्ञान नगर कोटा पुलिस ने फरवरी 2002 में बरामद किया था। ग्रामीणो ने मूर्ति को विधि विधान से वापस मंदिर में स्थापित कराया था।
पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
मूर्ति चोरी का राजफाश करने के लिए पुलिस पूर्व के रिकॉर्ड खंगाल रही है। पूर्व में इस मूर्ति की चोरी वारदात में लिप्त आरोपियों का रिकॉर्ड पुलिस के पास हैं, जिसके आधार पर चोरों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने संदिग्ध लोगों से पूछताछ शुरू कर दी।
नहीं मिली शाहपुरा से चोरी गई मूर्ति
छह दिन पूर्व शाहपुरा में गोवर्धन नाथ मंदिर से चोरी गई भगवान कृष्ण की मूर्ति का अब तक पुलिस को पता नहीं चल पाया है। इसी बीच जहाजपुर क्षेत्र के धांधोला गांव से एक और मूर्ति चोरी की वारदात हो गई। गत दिनों शाहपुरा में सिंचाई विभाग के पास गोवर्धननाथ मंदिर से भगवान कृष्ण की 300 साल पुरानी नीलम की मूर्ति चोरी हो गई थी। मूर्ति के आभूषण अन्य मूर्तियां सुरक्षित मिल गई।