भीलवाड़ा। भीलवाड़ा से वाया शाहपुरा स्टेट हाइवे अभी पूरा बना ही नहीं और सड़क कंस्ट्रक्शन कंपनी ने टोल वसूलना शुरू कर दिया है। किसी जगह एक साइड की सड़क अधूरी है तो कहीं पुलिया का काम चल रहा है। कई जगह सड़क टूट चुकी है।
इसके बावजूद कंपनी भीलवाड़ा से जयपुर के बीच तीन नाकों पर टोल वसूल रही है। शाहपुरा से छह किलोमीटर पहले दौलपुरा में एक और टोल बनाने का काम चल रहा है। करीब एक महीने में यहां भी टोल वसूली शुरू होने वाली है। इधर, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को सड़क का काम पूरा नहीं होने की जानकारी होने के बावजूद वे मौन बैठे हैं।
स्टेट हाइवे जनता की सहूलियत के लिए बनाया गया लेकिन यहां इस हाइवे से गुजरने वाले वाहनों को टोल चुकाने के बावजूद भी ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर धक्के ही खाने पड़ रहे हैं।
“दैनिक भास्कर’ टीम ने स्टेट हाइवे की हकीकत जानने के लिए भीलवाड़ा से रेनवाल तक हाइवे की विजिट की और देखा कि जनता को हाइवे जैसी सुविधा नहीं मिल रही है लेकिन टोल देना पड़ रहा है।
हाइवे पूरा बना नहीं कि पैचवर्क होना शुरू हो गए
स्टेट हाइवे का काम पूरा हुआ ही नहीं और मांडल से जयपुर के बीच कई जगह अभी से सड़क टूट चुकी है। हाइवे कंस्ट्रक्शन कंपनी ने इन गड्ढ़ों को ढंकने के लिए पैचवर्क कराए है। पैचवर्क भी ऊबड़-खाबड़ कराने से हाइवे पर चलने वाली गाडिय़ां स्पीड नहीं पकड़ पाती। हाइवे जैसी सुविधाएं नहीं होने के बावजूद लोगों को जयपुर जाने के लिए तीन जगह टोल चुकाना पड़ रहा है।
तीन जगह टोल शुरू, चौथा शुरू होने में
उगाई अजमेर मालपुरा टोंक रेनवाल जयपुर में टोल नाके शुरू हो चुके हैं। यहां से गुजरने वाले वाहनों में कार, जीप वैन के लिए 55 रुपए, मिनी बस के लिए 80 रुपए, बस और ट्रक के लिए 160 रुपए, इससे बड़े वाहन 265 रुपए और बड़े ट्रोले ट्रक से 315 रुपए टोल के वसूल जाते हैं। शाहपुरा के आगे टोल का काम चल रहा है। यह भी जल्द शुरू होने वाला है।
अगस्त,2013 में पूरा होना था काम
भीलवाड़ा से जयपुर तक इस हाइवे की लंबाई 212 किलोमीटर है। 282 करोड़ रुपए की लागत इस स्टेट हाइवे का काम चार अगस्त, 2013 तक पूरा होना था लेकिन अभी तक काम चल रहा है।
बनेड़ा से पहले करीब एक किलोमीटर एरिया में सड़क के एक साइड का काम चल रहा है। यहां एक साथ दो गाड़ियां नहीं निकल सकती। कभी भी दुर्घटना हो सकती है। बनेड़ा से पहले पेट्रोल पंप के पास और इसके आगे पुलिया का काम चल रहा है। पेट्रोल पंप से पहले बन रहे पुलिए से सड़क बंद है और करीब 300 मीटर वाहनों को सड़क से नीचे उतरकर गड्ढ़ों धूल के बीच से निकलना पड़ रहा है।
सरदार नगर में स्कूल के बाहर रोड पर गड्ढ़े ही गड्ढ़े हैं। स्टेट हाइवे समझकर यदि गाड़ी तेज चलाई और गड्ढ़ों का पता नहीं चला तो गाड़ी टूट भी सकती है।
तस्वारिया खुर्द गांव के अंदर हाइवे बना नहीं कि अभी सड़क टूटना शुरू हो गई।
टोंक जिले के संवारिया गांव में अभी सड़क के दोनों ओर रोलर अन्य मशीनों द्वारा सड़क पर गिट्टी जमाई जा रही है।
शाहपुरा के अंदर स्टेट हाइवे है लेकिन यहां टूटी सड़क और उड़ती धूल को देखकर इसे गांव की सड़क ही कह सकते हैं। शाहपुरा बस स्टैंड से पहले पुलिया का काम चल रहा है। यहां दुर्घटना के आसार ज्यादा बने हुए हैं। शाहपुरा में सड़क की चौड़ाई 15 मीटर करनी है लेकिन अभी ऐसा लगता है जैसे किसी गांव की छोटी सड़क हो। बारिश के पानी की निकासी के लिए अभी नाले भी नहीं बनाए गए हैं।
मालपुरा के अंदर भी स्टेट हाइवे सही नहीं होने से हर 100-200 मीटर पर जाम लगता है। यहां भी स्टेट हाइवे की चौड़ाई पूरी नहीं की गई है।
मालपुरा के आगे तालाब के पुलिए पर एक साइड में दीवार बनाने का काम चल रहा है। सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर पानी के टैंकर खड़े होने से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
पीडब्ल्यूडी एक्सईएन डीके गुप्ता
भास्कर: हाइवे काम पूरा नहीं हुआ इससे पहले ही टोल वसूली शुरू हो गई।
गुप्ता:हांयह सही है कि कुछ जगह काम अधूरा है लेकिन टोल निर्धारित एग्रीमेंट के अनुसार ही ले रहे हैं।
भास्कर : टूटी सड़क काम पूरा नहीं होने से जनता तो परेशान है फिर टोल वसूली क्यों।
गुप्ता : जो हो रहा है वह नियमानुसार ही हो रहा है।
निर्माण कंपनी मैनेजर अशोक जैन
भास्कर: कई जगह सड़क अधूरी होते हुए भी टोल वसूलना शुरू कर दिया।
जैन : अभी 75 प्रतिशत काम पूरा हुआ है, इसलिए तीन टोल चालू किए हैं। शाहपुरा का टोल अभी चालू नहीं किया है।
भास्कर : रोडकई जगह से टूट चुका है। वाहन चालक परेशान हैं तो टोल क्यों दें?
जैन:किसने कहा कि रोड टूट चुका है। सब ठीक है।