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बेरोकटोक चल रहे हैं बिना नंबर के वाहन

6 वर्ष पहले
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स्थानीयकस्बे एवं इसके आसपास के क्षेत्र में बिना रजिस्ट्रेशन एवं नंबर के वाहन बेरोकटोक सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन पुलिस ऐसे वाहनों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के नाम पर साल में एक आध बार खानापूर्ति कर अभियान की इतिश्री कर लेती है। वहीं कुछ वाहन मालिक तो कई माह एवं सालों तक वाहन का रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराते। बाद में पकडे़ जाने पर वाहन की 5 हजार की पैनल्टी के बाद रजिस्ट्रेशन के बाद ही वाहन छोड़ा जाता है। यहां पर अजीतगढ़ से श्रीमाधोपुर, नीमकाथाना जाने वाले कई बसें ऐसी है जिनके कोई नम्बर नहीं है। साथ ही शाहपुरा से अजीतगढ़ एवं शाहपुरा से विराटनगर, मैड़, पावटा, मनोहरपुर, चंदवाजी, अजीतगढ़, मैड़, नौरंगपुरा, विराटनगर, आंतेला, बागावास अहिरान, मनोहरपुर, चंदवाजी, पावटा, अचरोल सहित कई क्षेत्राें में जयपुर आने-जाने वाली कई गाड़ियां ऐसी हैं, जिन पर नंबर ही नहीं होते। इतना ही नहीं दुपहिया वाहनों की स्थिति तो और भी गंभीर है। क्षेत्र के 30-40 प्रतिशत वाहन ऐसे हैं, जिन पर नंबर नहीं है। वाहन मालिक नंबर Œप्लेट पर स्लोगन लिखा रखे हैं।

नहींचलता वाहन का पता : कईबार वाहन के नम्बर नहीं होने पर दुर्घटना की स्थिति में आसानी से चालक फरार हो जाते है। जिनका कोई पता नहीं चलता है कि किस नम्बर के वाहन ने दुर्घटना की है

पुलिसकरती है नाममात्र की कार्रवाई

बिनानम्बर के वाहनों के खिलाफ पुलिस सडक सुरक्षा के तहत अभियान चलाकर एक आध वाहन के खिलाफ कार्रवाई कर कार्यक्रम का इतिश्री कर लेती है। पुलिस को बार अभियान चलाकर एसे वाहनों के चालान काटने चाहिए एवं जब्त कर नम्बर लिखवाने चाहिए। किंतु पुलिस ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। जबकि समय समय पर अवैध वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियान भी चलाए जाते है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इन वाहनों को पुलिस द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है।

समय-समयपर चलाते हैं अभियान

यातायातप्रभारी रामोतार यादव ने बताया कि ऐसे वाहनों पर समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है, किंतु राजनैीतिक दबावों के चलते कई बार प्रभावशाली कार्रवाई नहीं हो पाती है।

चालानकाटने के दिए हुए हैं निर्देश

इसबारे में जयपुर ग्रामीण एसपी डा. नितिनद्धीप का कहना है कि बिना नम्बर के चलने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर एक दो दिन में प्रभावी कार्रवाई की जाएगी एवं अवैध वाहनों के खिलाफ चालान काटने के लिए सभी यातायात पुलिसकर्मियों को निर्देश दे रखे है।

परिवहन विभाग के निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि किसी भी प्रकार का नया वाहन खरीदने पर शोरूम से घर जाकर या परिवहन कार्यालय तक जाने के लिए मौके पर ही अस्थायी नंबर लिख कर ले जाना पड़ता है। ये एक माह वैलिड रहते हैं। एक माह बाद वाहन रजिस्ट्रेशन कराने पर मालिक को 5 हजार रुपए का जुर्माना देना पड़ता है एवं पकडे़ जाने पर वाहन के रजिस्ट्रेशन के बाद ही वाहन छोड़ा जाता है। बिना नम्बर के वाहन पर सौ रुपए का जुर्माना तथा हिंदी में डिजाइन में नंबर लिखा पाए जाने पर भी सौ रुपए का जुर्माना किया जाता है।

कस्बे के बाजार निवासी महेश पारीक, राकेश बैद ने बताया कि लोग मुंबई, हरियाणा, दिल्ली आदि शहरों से सस्ते दामों में वाहन खरीदकर लाते है। इनका कोई पता नहीं रहता है कि वे वाहन चोरी के हैं या सही हंै। इन्हें खरीदने वाले गांवों में कोई रोकटोक नहीं होने से वहां इनको आसानी से चलाया जाता है। कई वाहन मालिक बाहर के नंबर की गाड़ी को पुलिस के पकड़ने के डर से वाहन से नंबर ही हटा देते हैं।

शाहपुरा. यातायातपुलिस चौकी के बाहर खड़ी अधूरे नंबर की कार। इस पर िकसी की नजर नहीं पड़ी।

शाहपुरा. जयपुरतिराहे के पास यातायात पुलिस चौकी के पास बिना नंबर की बाइक चलाता एक युवक।

शाहपुरा. पुलिसकी उदासीनता के कारण बाइक की नंबरों की जगह एेसे स्लोगन आम बात है।