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शाहपुरा में छात्राओं का कबड्डी प्रशिक्षण कागजों में
फूलचंद ढबास/बी.एस.बेनीवाल |शाहपुरा
राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में चयनित अलग -अलग विद्यालयों के खिलाडि़य़ों को टीम भावना से खेलने की मंशा से दिया जाने वाला आवासीय प्रशिक्षण शिविर महज कागजों में सिमट कर रह गया। ऐसा ही नजारा मालपुरा (टोंक) में 18 से 24 सितंबर तक होने वाली 17 19 वर्ष की बालिकाओं की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित टीमों के प्रशिक्षण स्थल राबाउमावि शाहपुरा के प्रांगण में देखने को मिल रहा है। अलग-अलग चार विद्यालयों से चयनित बालिका खिलाडि़य़ों में से स्थानीय विद्यालय की केवल 7 छात्राओं को ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि अन्य तीन विद्यालयों की 17 खिलाडी़ छात्राओं का प्रशिक्षण अपने-अपने विद्यालयों में ही चल रहा हैं।
हाल ही जिला स्तर पर हुई बालिका कबड्डी प्रतियोगिता में जयपुर द्वितीय में सराहनीय प्रदर्शन करने पर 17 19 वर्ष वर्ग में राज्य स्तर की प्रतियोगिता के लिए 12-12 बालिकाओं का चयन हुआ था। मालपुरा-टोंक में 18 से 24 सितंबर तक होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए इन चयनित खिलाडि़य़ों को 13 से 17 सितंबर तक राबाउमावि शाहपुरा में आवासीय प्रशिक्षण दिया जाना था। संयोजक प्रशिक्षकों की लापरवाही के चलते प्रशिक्षण महज कागजों में सिमटा हुआ है। ऐसे में 24 छात्राओं में से कितनी छात्राएं उम्दा प्रदर्शन कर पाएगी।
आमने-सामने
प्रशिक्षकश्वेता वर्मा का कहना है कि चयनित सभी खिलाडी़ यही प्रशिक्षण ले रही है, जो शाहपुरा के नूतन विद्या मंदिर में ठहरी हुई हैं। जबकि नूतन विद्या मंदिर की प्रधानाचार्य अनिता टेलर का कहना है कि स्कूल में प्रशिक्षण लेने वाली कबड्डी की कोई भी छात्रा नहीं रुकी हुई हैं।
रोजाना भोजन नाश्ते के 70 रुपए
चयनितप्रत्येक खिलाडी़ को रोजाना भोजन एवं चाय नाश्ते के लिए 70 रुपए मिलते हैं। अब सवाल उठता हैं कि यदि टीमें प्रशिक्षण लेने के लिए रुकी ही नहीं तो पांच दिन के भोजन के पैसे का सदुपयोग कैसे हुआ।
जवाबदेहों के जवाब
प्रशिक्षकोंने टाल दिया
^मैंनेतो प्रशिक्षकों को यहीं रुक कर प्रशिक्षण देने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि अन्य तीनों विद्यालय की बालिका इतनी दूर आने में असमर्थ हैं। अन्य तीन विद्यालयों के पीटीआई ने भी यहां आने में असमर्थता जाहिर की थी। डॉ.वीणागुप्ता, कार्यवाहकप्राचार्या/प्रशिक्षण संयोजिका
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