- Hindi News
- मंत्री बोलीं, मैं पीएचईडी से बहुत परेशान हूं
मंत्री बोलीं, मैं पीएचईडी से बहुत परेशान हूं
पॉलिटिकल रिपोर्टर | भीलवाड़ा
जिलेकी प्रभारी और महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिता भदेल ने अधिकारियों की समीक्षा मीटिंग में पीएचईडी के अफसरों को कटघरे में खड़ा कर दिया। जहाजपुर प्रधान शिवजीराम मीणा ने मुद्दा उठाया कि टीकड़ में नौ साल पहले टंकी बन गई, लेकिन पेयजल वितरण शुरू नहीं हुआ। इस पर पीएचईडी एसई ने टालमटोल जवाब दिया तो राज्यमंत्री भदेल गुस्सा हो गईं। उन्होंने मीटिंग में कहा मैं पीएचईडी से बहुत परेशान हूं। उन्होंने यह भी जोड़ा - टंकी बनने के सात-आठ साल तक उनमें पानी नहीं भरा जाता है। इतने में ठेकेदार को भुगतान हो जाता है और उसका गारंटी पीरियड निकल जाता है। जब उसमें पानी भरते हैं तो अधिकारी रिपोर्ट देते हैं टंकी बने हुए छह साल हो गए इसलिए क्षतिग्रस्त हो गई। अधिकारी भी बदल जाते हैं। ऐसे ही पीएचईडी के अधिकारी ठेकेदार मिलकर खेल कर रहे हैं। बैठक में मंत्री ने बताया कि चंबल का पानी जुलाई तक शहर में लाना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है। मीटिंग में शहर बिजली, सड़क, चिकित्सा व्यवस्था सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। मीटिंग में मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर, जिला प्रमुख पीरचंद सिंघवी, विधायक कीर्ति-कुमारी आदि मौजूद थे।
प्रधान बोले दोषियों को बचाते हैं-जहाजपुर प्रधानने कहा, मनरेगा में गड़बड़ी करने वाले को अफसर बचाते हैं। उससे रिकवरी भी नहीं होती है। एफआर लग जाती है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि अब संबंधित विभाग की जानकारी में लाया जाएगा।
पहली मीटिंग में आए जिला प्रमुख और प्रधान
नवनिर्वाचितजिला प्रमुख पीरचंद सिंघवी पहली मीटिंग में देरी से आए। पहले वे सुवाणा प्रधान के पदभार कार्यक्रम में चले गए थे, इस कारण मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर के साथ ही आए। पहली मीटिंग होने के कारण वे ज्यादा कुछ नहीं बोले। मीटिंग में सुवाणा प्रधान सरोज गुर्जर, शाहपुरा के गोपाल गुर्जर, जहाजपुर के शिवजीराम मीणा, मांडल की आशा बैरवा, हुरड़ा की घीसी भील, बनेड़ा में राजमल तथा आसींद की लक्ष्मीदेवी भी थे।
जिम्मेदारों से सवाल
पीएचईडीएसई आरके ओझा
{सवाल:मीटिंगमें प्रभारी मंत्री ने कहा वे पीएचईडी से बहुत परेशान हैं, इसके क्या कारण है?
{ जवाब:वोअजमेर के अधिकारियों के काम से परेशान है। यहां तो टंकी बनने का इश्यू था जो समाधान कर देंगे। हम भी सिस्टम को सुधार देंगे।
{ सवाल:यहांचंबल प्रोजेक्ट में घर-घर पानी पहुंचाने का क्या विवाद है?
{ जवाब:कईगांवों में अभी घर-घर पेयजल सप्लाई की व्यवस्था है, अब एक पाइंट पर टंकी लगाई जा रही है। इसको लेकर आपत्ति आई। इसके बारे में निर्णय लेंगे।
जिपसीईओ रामपाल शर्मा
{सवाल:इंद्राआवास का पैसा क्यों नहीं मिल रहा है?
{ जवाब:कुछजगह अकाउंट नंबर गलत मिलने से ऐसा हो गया। सात बीडीओ को चार्जशीट भी दी है।
{ सवाल:आपनेजनप्रतिनिधियों से सर्वे करने की बात कही और मंत्री ने नहीं मानी?
{ जवाब:वोउस क्षेत्र के प्रमुख आदमी है। उनको सब पता रहता है इसलिए केवल जानकारी मांगी है। क्योंकि सब लोग उन्हें सूचना देते हैं। इसमें उनसे सहयोग मांगा था।
पीडब्लूडीएसई पीके अरोरा
{सवाल:गांवोंमें सड़कें बनती है लेकिन जनप्रतिनिधियों को पता नहीं रहता है।
{ जवाब:हमारेअधिकारी उन्हें सूचित करते हैं। अब उनको टेंडर होने से पहले सूचना दे देंगे।
{ सवाल:गांवोंमें सड़कें बनीं लेकिन कई जगह अधूरा छोड़ दिया गया।
{ जवाब:एक-दोजगह ऐसा हुआ था। संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट ली है। सड़क पूरी बनवा देंगे।
भीलवाड़ा. जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री अनिता भदेल अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए।
भास्कर के सवाल पर यह बोलीं प्रभारी मंत्री
{सवाल:आपपीएचईडी अधिकारियों से क्यों परेशान हैं, ऐसा क्या हो गया?
{ जवाब:नहीं,ऐसीकोई बात नहीं। मीटिंग में बहुत सारी बातें हुई। मैंने तो केवल सिस्टम में सुधार की बात कही। अब पानी की टंकियां बन जाएंगी और चालू नहीं होगी तो अफसरों को कुछ तो कहना ही पड़ेगा।
{ सवाल:ठेकेदारऔर पीएचईडी के अधिकारी मिलकर क्या खेल कर रहे हैं?
{ जवाब:टंकियांबन गई और वितरण की व्यवस्था की योजना नहीं बनी, इसलिए ऐसा बोला था। सिस्टम में खामियां है, इसमें सुधार कर रहे हैं।
{ सवाल:दोषीअफसरों के खिलाफ क्या होना है इस पर बात नहीं हुई।
{ जवाब:मैनेसंबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगी है। टंकियां कब बनी है और कौन जिम्मेदार है। इस पर कार्रवाई होगी।