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कागजी खानापूर्ति के लिए फिर शिक्षा संबंलन

7 वर्ष पहले
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भीलवाड़ा। जिले में गत शिक्षा संबंलन अभियान में निरीक्षण के दौरान पाए गए स्कूली बच्चों के कमजोर शैक्षणिक स्तर के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि खानापूर्ती के लिए मंगलवार को वापस अभियान चलाया गया। जिले में 106 अधिकारियों ने 210 सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया। इसमें भी शैक्षणिक स्तर कमजोर पाया गया। गत संबंलन अभियान के तहत 307 स्कूलों के पचास फीसदी से ज्यादा बच्चों को सी ग्रेड (पढ़ने में कमजोर) मिलने के बावजूद संबंधित संस्था प्रधान शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
इन स्कूलों के बच्चों की शैक्षणिक स्थिति सुधारनी थी, परंतु मंगलवार से शुरू हुए संबंलन अभियान में फिर पोल खुल गई। इतने निरीक्षण, ट्रेनिंग मीटिंगों के बावजूद स्थिति यह है कि पांचवीं कक्षा के बच्चों को हिंदी की किताब ढंग से पढ़ना नहीं रहा है। सर्व शिक्षा अभियान ने दावा किया था कि जिन स्कूलों का शैक्षणिक स्तर कमजोर है, उनके संस्था प्रधान को नोटिस जारी किए जाएंगे। इन हालात के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। विभाग ने कागजों में केवल यह दर्शा दिया कि इन्हें चेतावनी पत्र जारी कर रखा है।
इन ब्लॉकों में स्कूल कमजोर : आसींद में 36, बनेड़ा 19 हुरड़ा, 20, जहाजपुर 36, कोटड़ी 28, मांडल 38, मांडलगढ़ 40, रायपुर 16, सहाड़ा 20, शाहपुरा 26 सुवाणा में 28 स्कूल है। इन स्कूलों को ग्रेड में लाने के निर्देश दिए गए थे। डीईओ ने सभी बीईईओ, संदर्भ शिक्षक सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे कि वे गृहकार्य की जांच करें। टीचर्स ने क्या पढ़ाया है, उसकी समीक्षा करें परंतु इन आदेशों की पालना नहीं हुई।

कमजोर मिला शैक्षणिक स्तर: एसएसए के एपीसी एजाज हुसैन ने बताया कि बीकानेर से सहायक निदेशक केदारनाथ चारण ने राउमावि पीथास, एसएसए के जिला प्रभारी गुरमीतसिंह ने हुरड़ा कनेछनकला स्कूल का निरीक्षण किया। एडीईओ माध्यमिक द्वितीय कल्पना शर्मा ने जूनावास स्कूल का निरीक्षण किया, यहां शैक्षणिक स्तर कमजोर पाया गया।

यह है संबंलन का उद्देश्य: डीईओ जाट के अनुसार, शिक्षा संबंलन का उद्देश्य है स्कूलों में शैक्षणिक स्तर की क्या स्थिति है इसका पता लगाकर सुधार करना। इसके लिए संबंधित अधिकारी पूरे दिन स्कूल में रहकर व्यवस्थाएं देखता है। बच्चों टीचर से वार्ता कर समस्याओं पर चर्चा होती है। स्कूल प्रबंध समिति के साथ भी मीटिंग होती है। अगले संबंलन के तहत उन्हीं समस्याओं का समाधान हुआ या नहीं, इसकी समीक्षा होती है।

''पुराने अभियान के बावजूद शैक्षणिक स्तर कमजोर मिला, यह आश्चर्य की बात है। इन संस्था प्रधानों को एसएसए ने नोटिस दिए थे। अब शिक्षकों का पर्सनल रिपोर्ट कार्ड इसलिए बनाया जा रहा है, ताकि व्यक्तिगत रूप से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इसमें शिक्षकों को अपने द्वारा दिए गए होमवर्क से लेकर परीक्षा परिणाम का ब्यौरा शामिल किया जाएगा।''
जीवराजजाट, डीईओ प्रारंभिक प्रथम।

भीलवाड़ा. शिक्षासंबंलन अभियान के तहत राबाउप्रावि जूनावास में निरीक्षण करतीं एडीईओ कल्पना शर्मा।