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सिद्धयोग में महिलाएं रखेंगी करवा चौथ का व्रत, रात 8:20 पर होंगे चंद्र दर्शन

4 वर्ष पहले
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मेहंदी प्रतियोगिता आयोजित

कार्यालय संवाददाता |शाहपुरा

शहरसहित विराटनगर, आमेर, जमवारामगढ, बस्सी, मनोहरपुर, पावटा, चंदवाजी, रायसर, भाबरू, मैड, अजीतगढ, अमरसर, धौला, गठवाडी, आंधी, बाडीजोडी, छापुडा टटेरा, बागावास चौरासी सहित आसपास के क्षेत्रों में रविवार को करवा चौथ का त्योहार मनाया जाएगा। ममता भट्‌ट, बिदाम चौधरी ने बताया कि विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखेगी। पूरे दिन उपवास रखकर महिलाएं रात को चांद दिखने के बाद व्रत खोलेंगी। करवा चौथ के व्रत को देखते हुए हर्बल ब्यूटीपार्लर की ओर से विवाहित महिलाओं के हाथों में निशुल्क मेहंदी लगाई गई। सीमा यादव,रेणू मीणा,रिंकु चौधरी,प्रीति राजपूत पूजा भट्‌ट ने बताया कि करवा चौथ के व्रत का महिलाओं को बेसब्री से इंतजार रहता है। उन्होने भी व्रत की पूर्व संध्या पर मेहंदी लगाई है। इधर बाजार में भी करवाें की बिक्री होने लगी है। बाजार में करवा 10 से 50 रुपए तक बिक रहा है।

करवा चौथ पति-प|ी के आपसी प्रेम और समर्पण का त्योहार है। पति की लंबी आयु के लिए रविवार को चंद्रमा को अर्घ्य देकर महिलाएं करवा चौथ का व्रत करेंगी। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष तिथि के दिन चंद्रोदय व्यापिनी व्रत रखकर महिलाएं पति की लंबी आयु के साथ गृहस्थ जीवन को सुखमय बनाने के लिए चंद्र को अर्घ्य देंगी। पांडवों पर कई प्रकार के संकट गए। इन संकटों से मुक्ति के लिए द्रौपदी ने भगवान कृष्ण से उपाय पूछा तो श्रीकृष्ण ने उन्हें कार्तिक कृष्ण चतुर्थी के दिन करवाचौथ का व्रत करने के बारे में बताया था। ज्योतिषाचार्य पंडित श्याम लाल तामड़ायत ने बताया कि रविवार के दिन करवा चौथ का व्रत भरणी नक्षत्र के बाद कृतिका नक्षत्र में रात 8.20 बजे उच्च राशि में चंद्रमा रहेगा ज्योतिषाचार्य ने कहा कि करवा चौथ के दिन बज्र योग का शुभ संयोग बन रहा है।

ज्योतिषाचार्य पंडित रमेश चंद्र,कालू शर्मा ने बताया कि ब्रज योग के साथ सौम्य और सिद्धी योग का भी संयोग बन रहा है। ऐसे में सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत मंगलकारी और मनोरथ को पूर्ण करने वाला है। रविवार की सांय 3.58 बजे तक तृतीया तिथि है इसके बाद चतुर्थी तिथि आरंभ हो जाएगी। चतुर्थी तिथि में चंद्र को अघ्र्य देना बेहद शुभ माना गया है। सौभाग्य और समृद्धि के लिए महिलाएं व्रत रखेंगी

नवविवाहिता पति के घर करती व्रत

ज्योतिषाचार्यराजेंद्र कुमार शर्मा सुभाष शर्मा, ने बताया कि करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर चंद्र को अघ्र्य देने के साथ भगवान गणोश, शिव, पार्वती एवं मंगल ग्रह के स्वामी कार्तिकेय की पूजा करेगी ज्योतिषाचार्य भैरूलाल लाटा,आचार्य सुरेंद लाटा ने बताया कि सुहागिन महिलाएं अपने पति की समृद्धि और लंबे जीवन के लिए चंद्रमा को अघ्र्य देकर प्रार्थना करती हैं। जिससे जीवन के सभी तरह के कष्टों का निवारण तो होता है त्रिवेणीधाम के रामरतनदास महाराज एवं रघुनंदन दास महाराज का कहना कि महाभारत से संबंधित पौराणिक कथा के अनुसार पांडव पुत्र अर्जुन तपस्या करने नीलगिरी पर्वत पर चले गए। दूसरी ओर बाकी पांडवों पर कई प्रकार के संकट गए। इन संकटों से मुक्ति के लिए द्रौपदी ने भगवान कृष्ण से उपाय पूछा तो श्रीकृष्ण ने उन्हें कार्तिक कृष्ण चतुर्थी के दिन करवाचौथ का व्रत करने के बारे में बताया था

बुजुर्गमहिलाओं के अनुसार करवा चौथ व्रत कथा

बुजूर्गमहिलाओं के अनुसार एक सेठ-साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी। सेठानी के सहित उसकी बहुओं और बेटी ने करवा चौथ का व्रत रखा था। रात्रि को साहकार के लड़के भोजन करने लगे तो उन्होंने अपनी बहन से भोजन के लिए कहा। इस पर बहन ने बताया कि उसका आज उसका व्रत है और वह खाना चंद्रमा को अर्घ्‍य देकर ही खा सकती है। सबसे छोटे भाई को अपनी बहन की हालत देखी नहीं जाती और वह दूर पेड़ पर एक दीपक जलाकर चलनी की ओट में रख देता है। जो ऐसा लगता था जैसे चतुर्थी का चांद हो। उसे देख कर करवा उसे अर्घ्‍य देकर खाना खाने का पहला टुकड़ा मुंह में डालती है उसे छींक जाती है। तो दूसरे में बाल निकल आता ,तीसरे में पति की मृत्यु का समाचार उसे मिलता है। वह बेहद दुखी हो जाती है।

उसकी भाभी सच्चाई बताती है कि उसके साथ ऐसा क्यों हुआ। व्रत गलत तरीके से टूटने के कारण देवता उससे नाराज हो गए हैं। इस पर करवा निश्चय करती है कि वह पति का अंतिम संस्कार नहीं करेगी और अपने सत से उन्हें जीवित करके रहेगी। वह पूरे एक साल तक अपने पति के शव के पास बैठी रहती है। उसकी देखभाल करती है।

उसके ऊपर उगने वाली सूईनुमा घास को वह एकत्रित करती है। एक साल बाद फिर चौथ का दिन आता है, तो वह व्रत रखती है और शाम को सुहागिनों से अनुरोध करती है कि ‘यम सूई ले लो, पिय सूई दे दो, मुझे भी अपनी जैसी सुहागिन बना दो’ लेकिन हर कोई मना कर देती है। आखिर में एक सुहागिन उसकी बात मान लेती है। इस तरह उसका व्रत पूरा होता है और उसके सुहाग को नये जीवन का आर्शिवाद मिलता है।

शाहपुरा .करवाचौथ पर वाट्सएप पर वायरल हो रहा मैसेज

शाहपुरा| शहरके बाबा गंगादास राजकीय महिला महाविद्यालय में शनिवार को प्राचार्या डॉ.अनामिका सिंह की अध्यक्षता में मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। कार्यक्रम संचालिका डॉ.राजश्री गुप्ता ने बताया निर्णायक मंडल की डॉ.संध्या भटनागर डॉ.स्वाति शर्मा ने मेहंदी प्रतियोगिता में शालिनी कंवर चौहान सोनू जांगिड़ प्रथम, अंकिता आसिवाल द्वितीय, मोनिका भूंजी मंजू भूंजी को तृतीय विजेता घोषित किया। महिला प्रकोष्ठ की सदस्य डॉ.रश्मि वशिष्ठ, डॉ.नंदनी शर्मा, डॉ.पुष्पा अग्रवाल, रोजी शाह, मधु राठौड़ ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।

शाहपुरा. करवाचौथ की पूर्व संध्या पर महिलाओं द्वारा रचाई गई मेहंदी।

शाहपुरा. करवाचौथ के व्रत की पूर्व संध्या पर हाथों में मेहंदी रचवाती महिलाएं।

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