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शाहपुरा में सीसीटीवी कैमरों की जरूरत

5 वर्ष पहले
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शहरमें बढ़ते अपराधों के चलते अब सीसीटीवी कैमरे लगाने की जरूरत हो गई है। हालांकि शहर में विधायक के सहयोग से नगरपालिका द्वारा तीन कैमरे लगा रखे हंै, लेकिन बढ़ती आबादी को देखते हुए अगर प्रत्येक चौराहे, प्रमुख सड़क मार्गों, बाजारों सहित समूचा शहर अगर सीसीटीवी कैमरे की जद में हो तो काफी हद तक अपराधों पर लगाम लग सकती है।

जानकारी के अनुसार नगरपालिका द्वारा करीब एक साल पहले विधायक राव राजेंद्र सिंह के प्रयासों से तीन प्रमुख स्थान जयपुर तिराहा, पीपली तिराहा एवं चौपड़ बाजार में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। संवेदनशील प्वाइंट जयपुर तिराहे पर दुर्घटना, वारदात आदि घटनाओं में सीसीटीवी कैमरे ने पुलिस को काफी मदद दी है। लेकिन शहर के कई चौराहे, बाजार, सार्वजनिक स्थलों, चारों दरवाजों सहित अन्य कॉलोनियों के प्रवेशद्वार पर कैमरे लगाए जाएं तो आपराधिक गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है। कैमरा लगाने की इस पहल को विधायक के प्रोत्साहन के बाद से विभिन्न संस्थाओं, भामाशाह, व्यापारियों एवं स्थानीय वाशिंदों के सहयोग से ही अंजाम दिया जा सकता है। शहर में निजी प्रतिष्ठानों के साथ सभी सरकारी भवन उपखंड कार्यालय, तहसील, पंचायत समिति, पुलिस थाना, सरकारी अस्पताल, नगरपालिका, पीडब्ल्यूडी, जलदाय विभाग, बिजली निगम आदि में अगर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए। इन कार्यालयों में कंट्रोल रूम मुख्य अधिकारी के कक्ष में बनाया जाए ताकि इनके कर्मचारियों के दैनिक कामकाज पर नजर रखने और कार्यालय में आने वाले लोगों की गतिविधियों को भी कैद किया जा सकें। कैमरे लगने के बाद कोई भी कर्मचारी जहां बिना अनुमति के कक्ष को छोड़कर नहीं जा सकता,वहीं किसी प्रकार की अवांछित गतिविधि होने पर वह भी कैमरे में कैद हो सकेगी।

स्वयंके स्तर पर लगाए कैमरे

सरकारीकार्यालयों के साथ निजी हॉस्पिटल, निजी स्कूलों, कॉलेजों, गार्डनों, काम्प्लैक्स, दुकानें आदि में भी सीसीटीवी कैमरे मालिकों को लगाने चाहिए। हालांकि कई व्यापारियों, जौहरियों निजी स्कूल संचालकों ने सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरे लगा भी रखे है। अगर गार्डन मालिक अपने स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाएं तो शादी में शामिल होने वाले लोगों के वाहनों की सुरक्षा भी हो सकेगी। अपने वाहन की सुरक्षा से भी चिंता मुक्त होकर शादी विवाह का आनंद ले सकते है।पुलिस सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को विटनेस की तरह पेश करती है।

एकभी कार्यालय में नहीं है सीसीटीवी

शहरके एक भी सरकारी कार्यालय में एक भी सीसीटीवी नहीं लगा हुआ है। यहां तक कि जिस सरकारी कार्यालय उपखंड कार्यालय से सभी विभागों की मानीटरिंग होती है वहीं पर कैमरे नहीं लगे हुए है। साथ ही ऐसे कार्यालय जहां बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। वहां पर भी कैमरे नहीं हैं। शहर में निजी प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरे चोरी पकड़ने में मददगार बने हैं। दो माह पहले पूर्व गणगौर साड़ी सेंटर पर तीन महिलाएं साड़ी लेने के बहाने आईं और दुकानदार की नजर ओझल कर बरी का बेस चुरा लिया। बाद में सीसीटीवी के फुटेज से महिलाओं की पहचान कर माल बरामद किया गया।

^अपराधों को रोकने के लिए मुख्य स्थानों, संवेदनशील प्वाइंटों, चौराहे, बाजारों में सीसीटीवी कैमरे आवश्यक ही नहीं बल्कि अतिआवश्यक हैं। उन्होंने सीएलजी की बैठक में भी मुद्दा उठाया था। पूरा शहर सीसीटीवी कैमरे की नजर में रहे तो अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। व्यापारी भी इसमें सहयोग करने को तैयार हैं। सामाजिक संगठनों गैर सरकारी संगठनों को भी आगे आना चाहिए। लल्लूरामअग्रवाल, अध्यक्ष व्यापार संघ

^सीसीटीवी पुलिस के लिए एक विटनेस की तरह काम करते हैं। सीएलजी की बैठक में भी लोगों व्यापारियों से सीसीटीवी कैमरे लगाने का आग्रह किया था। सभी लोगों को सीसीटीवी लगाने में आगे आकर सहयोग करना चाहिए। हरिपालसिंहराठौड़, थानाधिकारी शाहपुरा

^शहर को आपराधिक घटनाओं से मुक्त करने के लिए सीसीटीवी अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए शीघ्र ही बैठक बुलाकर व्यापारी संगठनों, निजी संगठनों निजी हॉस्पिटल, गार्डन, स्कूल संचालकों से चर्चा की जाएगी। भारतभूषण गोयल, एसडीएम शाहपुरा

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