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विराटनगर| कस्बेमें सरकारी कॉलेज होने से विद्यार्थियों को अध्ययन प्रभावित

7 वर्ष पहले
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विराटनगर| कस्बेमें सरकारी कॉलेज होने से विद्यार्थियों को अध्ययन प्रभावित हो रहा है। 12वीं पास करने के बाद उन्हें 25 से 100 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। लोगों ने जयपुर ग्रामीण सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को ज्ञापन भेजकर महाविद्यालय खुलवाने की मांग की। ज्ञापन में भाजपा नगरपालिका प्रकोष्ठ संयोजक ओमप्रकाश सैनी, बाबूलाल मीणा, रामस्वरूप घांघल, सुरेश सैनी, सुभाष योगी सहित कई भाजपाइयों ने बताया कि कस्बे में सरकारी महाविद्यालय का अभाव है। इसके कारण 12वीं पास करने के बाद विद्यार्थियों को 25 से 100 किलोमीटर दूर शाहपुरा, अलवर या फिर जयपुर जाना पड़ता है या फिर मोटी फीस भरकर किसी निजी महाविद्यालय में अध्ययन करना पड़ता है। ऐसे में गरीब परिवार के छात्र इस बोझ को उठाने में समक्ष नहीं होते हैं, वहीं परिजन बालिकाओं को अध्ययन के लिए दूर भेजने में संकोच करते हैं। भाजपा सुराज संकल्प यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने हर उपखंड मुख्यालय पर महिला कॉलेज खोलने की बात कही थी। लोगों ने उपखंड मुख्यालय पर राजकीय महाविद्यालय, महिला महाविद्यालय शास्त्री महाविद्यालय खुलवाने की मांग की।

सरकारी कॉलेज नहीं होने से अध्ययन प्रभावित