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बच्चे बेखौफ दौड़ा रहे बाइक, चौराहों पर पुलिस और घरों में अभिभावक बेखबर

7 वर्ष पहले
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शिवगंज में हुए हादसे के बाद भी नहीं जागा प्रशासन, नाबालिग बेझिझक सड़कों पर दौड़ा रहे दुपहिया वाहन

भास्करन्यूज | सिरोही

नाबालिगबच्चों के हाथों में दुपहिया वाहन देना भले कानूनन जुर्म है, लेकिन शहर की सड़कों पर बच्चे बेझिझक बाइक दौड़ा रहे हैं। घर में तो अभिभावक उनको रोकना मुनासिब समझते हैं और ही चौराहों पर तैनात पुलिस। शिवगंज में हाईवे पर हुए हादसे में दो बच्चों की मौत के बावजूद प्रशासन की नींद नहीं खुल रही है। आमदिनों की तरह शुक्रवार को भी शहर की सड़कों पर बच्चे बाइक दौड़ाते रहे, लेकिन उनको रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस गायब रही। भास्कर टीम ने शहर के मुख्य अहिंसा सर्किल पर करीब एक घंटे तक वॉच किया तो करीब एक दर्जन नाबालिग बालक-बालिकाएं दुपवाहियां वाहन दौड़ाते नजर आए। इनमें से कुछ बच्चे इतनी तेज बाइक चला रहे थे कि अचानक वाहन सामने आने पर हादसे में उनकी जान जा सकती थी, लेकिन इन बच्चों को रोकने के लिए चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस तैनात नहीं थी।

पैलेसरोड पर हालत सबसे खराब : शहरके अतिव्यस्ततम और एजुकेशन हब के नाम से मशहूर पैलेस रोड पर बच्चों को बाइक दौड़ाते आसानी से देखा जा सकता है। इस रोड पर सीनियर सैकंडरी स्कूल ऑल्ड बिल्डिंग, बाल मंदिर, पीजी कॉलेज, सरकेएम स्कूल, सीनियर गर्ल्स सैकंडरी स्कूल और अहिंसा सर्किल से आगे सीनियर सैकंडरी न्यू बिल्डिंग स्कूल होने से यह रोड दिनभर व्यस्त रहता है और शाम को शहरवासी टहलने भी आते हैं।

पुलिस परिवहन

केवलचालान काटने तक ही सिमित। यदि किसी नाबालिग को वाहन चलाते देखते हैं तो हिदायत तक नहीं देते। शहर के हर चौराहे और सड़क से बच्चे तेज स्पीड से वाहन चलाते नजर आते हैं। इसके बाद भी उन्हें कोई नहीं रोकता। लाइसेंस देखने की तो जहमत तक नहीं उठाई जाती।

हकीकत|पुलिसपरिवहन विभाग पर मूकदर्शन बने रहते हैं।

स्कूलप्रशासन

अक्सरबच्चे स्कूलों में भी बाइक लेकर पहुंचते हैं, लेकिन स्कूल संचालक उन्हें टोकते तक नहीं। इतना ही नहीं कई तो बच्चे वापस लौटते समय अपने साथ साथ तीन तीन सवारियां बैठा लेते हैं।

हकीकत|स्कूलसंचालक बच्चों को वाहन लाने पर कभी नहीं रोकते-टोकते।

अभिभावक

केवलजिद के कारण बच्चों के हाथो में बाइक दें। यह कानूनन भी गलत है। 16 साल की उम्र में बिना गिरय वाले वाहन का लर्निंग लाइसेंस बनता है। इसके बाद परमानेंट लाइसेंस मिलता है। यह सही है