मॉडल कृषि फार्म पर होगी आर्गेनिक खेती
किसान के कुएं पर पिछले पांच सालों से की जा रही है आर्गेनिक खेती
पहल
शहर के एक प्रगतिशील किसान के कृषि कुएं पर पिछले पांच सालों से की जा रही आर्गेनिक खेती के फायदे को देखकर कृषि विज्ञान केंद्र उसे दूसरों किसानों के लिए मॉडल कृषि फार्म बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत शनिवार को कलेक्टर, एसडीएम सहित कृषि विज्ञानियों ने आर्गेनिक खेती का अवलोकन किया। कलेक्टर वी. सरवन कुमार, एसडीएम ओपी विश्नोई, कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. दिलीप कुमार, उद्यानिकी विशेषज्ञ डॉ. राजू भारद्वाज और उपनिदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. प्रकाश कुमार गुप्ता शिवगंज हाईवे स्थित रघुभाई माली के बाबा रामदेव कृषि फार्म पहुंचे। उन्होंने कृषि कुएं पर तैयार जीरा, गेहूं और नींबू की खेती को देखा। किसान रघुभाई ने अधिकारियों को आर्गेनिक तरीके से फसलों की बुवाई से लेकर पकने तक की संपूर्ण जानकारी दी। इस मौके कांतिलाल माली, छोगालाल माली, भूपत देसाई, शंकरलाल माली, धनश्याम माली, मगनलाल माली, शांतिलाल सोलंकी, प्रकाश माली, प्रकाश बी माली, भगाराम माली, मोहन पुरोहित, बदाराम, गोमाराम, नारायण मेघवाल, लालाराम देवासी, कुलदीप सिंह, भरत माली आदि किसान मौजूद रहे।
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यह बताई खासियत : किसानरघुभाई माली ने बताया कि पिछले पांच सालों से आर्गेनिक तरीके से फसलों को तैयार करते हैं, जिससे कम खर्चे में ज्यादा मुनाफा हो रहा है। उन्होंने बताया कि बूंद-बूंद तरीके से फसलों की सिंचाई की जा रही है, जिससे पानी और बिजली दोनों की बचत के साथ पैदावार दुगुनी होती है। उन्होंने बताया कि नींबू के पौधों पर बोडो पेस्ट किया गया है, जिससे गुंदिया डाईबे रोग नहीं होता। उन्होंने बताया कि गोमूत्र, नीम की पत्ती, धतुरा की पत्ती, आक के पत्ते और तंबाकू के मिश्रण का घोल बनाकर नींबू, जीरा और गेहूं की फसल 10-15 दिन के अंतराल में छिड़काव किया जाता है, ताकि फसलों को कोई रोग नहीं लगे।
सिरोही. जीरे की फसल देखते कलेक्टर। फोटो| भास्कर