रिफाइनरी पर धरना, अस्पताल और नर्मदा के मुद्दे पर सरकार को घेरा
प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
पचपदरा बाड़मेर में रिफाइनरी लगाने के मामले को लेकर शनिवार को कांग्रेस की ओर से कलेक्ट्रेट पर किए गए धरना प्रदर्शन में अस्पताल और नर्मदा के मुद्दे पर राज्य सरकार को जमकर घेरा। मुख्य वक्ता पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि यदि सरकार चाहे तो सिरोही जिले को चिकित्सा विभाग में तबादलों के लिहाज से डार्क जोन घोषित कर सकती है।
लेकिन, जिले के प्रभारी मंत्री खुद समेत अन्य भाजपाई खुद यह नहीं चाहते। यदि जनता का भला चाहते तो यह बात मुख्यमंत्री के सामने जरूर रखते। लोढ़ा ने कहा कि कांग्रेस सरकार में कुछ ऐसी ही स्थिति शिक्षा विभाग की थी, लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलकर सिरोही को डार्क जोन घोषित कराया, ताकि यहां लगाए जाने वाले शिक्षक तबादला करवा दूसरे जिलों में नहीं जा सके। उन्होंने कहा कि जिले में खाली पदों को भरने के लिए सरकार वेकेंसी निकालती है, लेकिन नियुक्ति पाने वाले डॉक्टर्स नर्सिंग स्टाफ गृह जिले में चले जाते है और यहां के हालात नहीं सुधरते।
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हालमें हुए नर्सिंग स्टाफ तबादलों में हमारे यहां से सर्वाधिक कर्मचारी दूसरे जिलों में चले गए, जबकि यहां स्थानांतरित हुआ नर्सिंग स्टाफ ज्वाइनिंग से पहले ही पुन: तबादले की सांठगांठ में जुटा हुआ है। लोढ़ा ने कहा कि बीते दिनों जिला परिषद की बैठक में सांसद देवजी पटेल ने नर्मदा के मामले में खुद को अलग करने का बयान दिया था। जबकि, वसुंधरा राजे ने विधानसभा चुनाव के पहले सुराज संकल्प यात्रा 2013 में सार्वजनिक रूप से नर्मदा लाने का जनता से वादा किया था। जिसमें सांसद और विधायक खुद मौजूद थे। उन्होंने कहा कि भाजपाई झूठ बोलकर जनता से वोट बंटोरते है और सत्ता में आने के बाद उन्हें भूल जाते है।
सिरोही. धरने को संबोधित करते पूर्व विधायक संयम लोढ़ा। फोटो| भास्कर
प्रशासन
प्रशासनके लोग आदिवासियों को गुमराह करके मौताणा दिलाने में अहम भूमिका निभाते है, ताकि उसका नारियण पानी पहुंच जाएं, लेकिन ईसरा कांड में पहली बार अहिंसा के रास्ते पीडि़त पक्ष को उसका लाभ दिलाया।
नगरपरिषद
राजीवनगर आवासीय कॉलोनी को निजी बताकर करीब 50 करोड़ की भूमि का घोटाला किया जा रहा है। इसी कॉलोनी से नगरपरिषद ने खुद आयकर भवन और स्कूल के लिए भूमि आवंटित की, जबकि अब निजी बताकर घोटाला किया जा रहा है।
सरकार
{वसुंधरासरकार हर मोर्चे पर विफल है। बिजली और पानी के बिल बढ़ाकर जनता से बुनियादी सुविधाएं भी छीनने का प्रयास कर रही है।
{रिफाइनरी को अटका कर प्रदेश के लाखों युवाओं का रोजगार तथा राज्य का विकास रोक रही है। कांग्रेस को इसका श्रेय नहीं मिले इसलिए रिफाइनरी को हरी झंडी नहीं दी जा रही।
अस्पताल
{भाजपाईखुद नहीं चाहते अस्पताल की स्थिति सुधरे। यदि ऐसा है तो फिर जिले को डार्क जोन घोषित करके दिखाएं।
{अस्पताल में मरीजों के लिए काटी जाने वाली पर्ची के पैसों से चिकित्सा मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ के उद्घाटन कार्यक्रम का खर्च चुकाया है।