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अस्पताल में बढ़े सर्दी-जुकाम बुखार के रोगी
राजकीयसामुदायिक अस्पताल शिवगंज में मौसमी बीमारी के चलते मरीजों की संख्या दुगुनी हो गई है। पिछले सप्ताह अस्पताल के आउटडोर-इनडोर में प्रतिदिन करीब 350 मरीज ही इलाज के लिए आते थे, लेकिन अब मरीजों की संख्या 700 से अधिक हो गई है। इसमें अधिकांश सर्दी-जुकाम बुखार के मरीज है। उधर,अस्पताल में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने, डॉक्टरों के पद रिक्त होने स्टॉफ की कमी के कारण चिकित्सा व्यवस्था पर भी विपरीत प्रभाव पड़ने लगा है, जिससे मरीजों को परेशानियां हो रही है।
चारवर्ष से नहीं है स्त्री विशेषज्ञ
अस्पतालमें स्त्री विशेषज्ञ का पद तो करीब चार वर्ष से रिक्त पड़ा है।
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इसकेअलावा हड्डी रोग विशेषज्ञ, सहायक रेडियोग्राफर एएनएम के पद भी लंबे समय से खाली पड़े हुए है। वही डॉक्टर नरेंद्रसिंह राजपुरोहित पिछले करीब छह महिनों से अस्पताल नहीं रहे है और स्वयं का निजी अस्पताल चला रहे है। वर्तमान में 1 सर्जन, 1 दंत विशेषज्ञ, 1 चिल्ड्रन विशेषज्ञ 1 आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी ही कार्यरत है।
100 बैड का सपना रहा अधूरा
राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अक्टूबर 2013 को टाउनहॉल के उद्घाटन समारोह दौरान नागरिकों की मांग पर इस अस्पताल को 100 बेड करवाने की घोषणा की थी। लेकिन दूसरे ही दिन विधानसभा के चुनाव की आचार संहिता लगने से वह घोषणा भी पुरी नहीं हो सकी है। राज्य में सत्ता परिर्वतन होने के बाद स्थानीय नागरिकों ने राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधराराजे सिंधिया को ज्ञापन भेजकर अस्पताल में 70 बैड ओर बढ़ाने की मांग भी की,लेकिन अभी तक यह मांग पुरी नहीं हुई है।
दवाकेंद्र बंद होने से मरीज परेशान
दवावितरण केंद्र के बाहर भी मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार 150 मरीजों पर एक फार्मास्टि का दवा केंद्र खुला रहना जरूरी है। अस्पताल में तीन दवा वितरण केंद्र है,लेकिन एक केंद्र पिछले लंबे समय से बंद पड़ा है। ऐसे में विशेषकर वृद्धजनों गंभीर बीमार मरीजों को दवाइयां लेने में अधिक परेशानी होती है। कहीं बार तो अधिक भीड़ होने पर मरीजों को घंटों तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।
संभावित रोगी होंगे सिरोही रैफर
अस्पतालमें सर्दी-जुकाम,तेज बुखार गले में दर्द वाले मरीज के इलाज दौरान अगर स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए तो ऐसे तृतीय श्रेणी के मरीज का उपचार शिवगंज में संभव नहीं होगा। उसे जांच उपचार के लिए जिला मुख्यालय अस्पताल सिरोही को रैफर किया जाएगा। इसकी वजह यह है कि शिवगंज में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए तो कीड्स है और नहीं को कोई प्रशिक्षित कर्मचारी है। इस बारे में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है।
बढ़ा अस्पताल का आउटडोर
^अस्पतालमें पिछले सप्ताह से मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। इसमें अधिकांश सर्दी, जुकाम बुखार के मरीज है। वैसे यहां अभी तक स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं पाया गया है। स्वाइन फ्लू की जांच के लिए कीड्स उपलब्ध नहीं है। -डॉ.गोपालसिंह, प्रभारी, राजकीय सामुदायिक अस्पताल शिवगंज
31 जनवरी से बढ़े मरीज
पिछले11 दिनों में आए मरीजों के आंकड़ों पर नजर डाले तो अस्पताल में 31 जनवरी के बाद मरीजों की संख्या बढ़ी है। गत 30 जनवरी को अस्पताल में 372 मरीज इलाज के लिए आए थे,जबकि इसके बाद भी प्रतिदिन दुगनी संख्या में मरीज पहुंचे है। अस्पताल में 9 फरवरी को 702 मरीज उपचार के लिए आए है। जिसमें पुरूषों से अधिक महिला मरीज है।
शिवगंज. अस्पताल में इन दिनों आउटडोर का आंकड़ा बढ़ गया है।