- Hindi News
- सड़क निर्माण में घटिया सामग्री, ग्रामीणों का प्रदर्शन
सड़क निर्माण में घटिया सामग्री, ग्रामीणों का प्रदर्शन
अजीतगढ़. प्रधानमंत्रीग्राम सड़क योजना के तहत दिवराला से खागा का नवोडा तक करीबन 13.584 लाख रुपए की लागत से साढ़े तीन किमी लंबी की सड़क निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री उपयोग में लेने का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। सार्वजनिक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन प्रेषित करके शीघ्र जांच कार्रवाई की मांग की है।
लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण में ठेकेदार एवं विभाग मिलीभगत करके घटिया निर्माण सामग्री काम में ले रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क कम मोटाई की बनाई जा रही है तथा कंकरीट एवं डामर भी कम मात्रा में उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में यह सड़क निर्माण के कुछ दिनों में उखड़ रही है ग्रामीणों द्वारा पूर्व में ज्ञापन भेजने के बाद भी लापरवाही को गंभीरता से नहीं लेने पर सोमवार को गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन किया। इस संबंध में सार्वजनिक निर्माण सामग्री अधिशासी अभियंता नेमीचंद शर्मा ने बताया कि दो दिन पूर्व ग्रामीणों की शिकायत के बाद एईएन को मौके पर भेज कर सामग्री की जांच करवाई गई थी। सड़क निर्माण कार्य जारी है,कुछ जगह अगर टूट गई है, तो उसको ठीक करवा दिया जाएगा। बाकी कार्य सही हो रहा है।
सड़कडामरीकरण की मांग
श्रीमाधोपुर.पटवारीकाबाससे सौंथलिया जाने वाले मार्ग को डामरीकरण करने की मांग को लेकर ग्राम पंचायत बावड़ी युवा विकास समिति सौंथलिया के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कृषि उपज मंडी अध्यक्ष के नाम का ज्ञापन मंडी कार्यालय में सोमवार को सौंपा है। समिति के अध्यक्ष शिवकरण मील ने बताया कि इस रोड के डामरीकरण नहीं होने से कृषि उत्पादों को किसानों द्वारा मंडी तक लाने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आस-पास के छात्रों को भी श्रीमाधोपुर अध्ययन के लिए आने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
तहसीलदारको सौंपा ज्ञापन
खंडेला.ग्रामपंचायत बावड़ी युवा विकास समिति सोंथलिया के अध्यक्ष शिवकरण मील के नेतृत्व में ग्रामवासियों ने सोमवार को विधायक खंडेला के नाम का ज्ञापन तहसीलदार खंडेला को सौंपा है।
ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत बावड़ी का मुख्य गांव सोंथलिया ढाणी पावंडा बसवाट से आज तक सड़कों के अभाव में मुख्य धारा से कटे हुए हैं। गांव ढाणी के वासियों को रोजमर्रा के कार्यों मजदूरी के लिए मजदूरों को तथा किसानों को अपनी फसल के लिए श्रीमाधोपुर जाना पड़ता है जि