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गोशाला की जमीन अवाप्त करने के विरोध में संत-महंत कलेक्टर से मिले

7 वर्ष पहले
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सरदारशहरमें रीको के िवस्तार के लिए सरदारशहर गोशाला समिति, कोलकाता संचालित पिंजरापोल गोशाला के अधीन 355 बीघा जमीन को अवाप्त कर गोशाला को 90 करोड़ रुपए देने की कार्रवाई को लेकर संतों के आक्रोश के स्वर मुखर होने लगे है। महामंडलेश्वर शिव गोरक्षक गोशाला, सिद्धमुख के अध्यक्ष स्वामी सोमेश्वारनंद गिरी महाराज ने संतों के साथ शुक्रवार को कलेक्टर को ज्ञापन देकर स्थिति से अवगत करवाते हुए उचित कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन के अनुसार अवाप्ति की कार्रवाई में भूमिधारक की सहमति नहीं होती है, जबकि इस मामले में स्थानीय गोशाला प्रबंधन ने खुद उक्त भूमि को रीको के विस्तार के लिए देने का प्रस्ताव दिया है। संस्था या न्यास की भूमि जिस उद्देश्य के लिए है उसी में काम में ली जा सकती है। सरकार ने गो पालन चारागाह के लिए गोशाला को निशुल्क दी थी और राजस्व में इसे गोशाला के नाम खातेदार के रूप में अंकन किया गया। उक्त भूमि का गोपालन चारागाह के रूप में उपयोग नहीं किए जाने पर उसकी खातेदारी के अधिकार स्वत: ही समाप्त हो जाते है, ऐसे में अवाप्ति की कार्रवाई अवैध है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में पारित आदेशों की भी अवेहलना की गई है। गोशाला की प्रश्नगत भूमि से अवाप्ति से 90 करोड़ रुपए दिए गए, जिसका सदुपयोग होना चाहिए। प्रशासन को उक्त राशि के सदुपयोग को लेकर एक निगरानी अधिकारी नियुक्त करना चाहिए। ज्ञापन के उल्लेख किया गया गोशाला प्रबंधन गोवंश के संरक्षण में विफल और अक्षम रहा है। गोवंश के हितों की अनदेख्ी की गोशाला की संपति को खुर्दबुर्द किया जा रहा है। न्यायसंगत कार्रवाई नहीं होने पर जिले ही नहीं बल्कि राज्य भर की गोपालन संस्थाएं आंदोलन करेगी। ज्ञापन देने वालों में हरिद्वार के गोरक्षक स्वामी अखंडानंद गिरीजी स्वामी हारियानंद महाराज आदि शामिल थे।

चूरू. सरदारशहरमें जमीन अवाप्ति के विरोध में कलेक्टर को ज्ञापन देते महामंडलेश्वर स्वामी सोमेश्वरानंद गिरी महाराज अन्य संत