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यात्रियों को कुचलने वाले ड्राइवर को फांसी की सजा
तीन साल पुराना मामला, आठ यात्री मारे गए, 15 घायल हुए
5अक्टूबर 2011 को दर्जनों श्रद्धालु कैलादेवी दर्शनों के लिए रहे थे। हिंडौन रेलवे स्टेशन पर बस चालक परिचालक ने नि:शुल्क कैला मां के दरबार तक ले जाने की आवाज लगाई। इसे सुनकर दर्जनों श्रद्धालु बस में सवार हो गए। बस में लगभग 70 सवारियां थीं। बाद चालक ने बस को रास्ते में रोक दिया और यात्रियों से जबरन किराया वसूलने लगा। यात्रियों ने विरोध किया, लेकिन बाद में किराया भी दे दिया। इसके बाद सुबह चार बजे हाथी घटा स्थित पेट्रोल पंप पर चालक ने फिर बस रोक दी और आगे जाने से मना कर दिया। इसे लेकर यात्रियों तथा चालक परिचालक में विवाद हो गया। यात्रियों ने बस के शीशे तोड़ दिए और पैदल ही कैलादेवी की ओर रवाना हो गए। तभी चालक राजू ने बस को तेज गति से चलाते हुए श्रद्धालुओं को कुचल दिया। घटना में आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 15 जने घायल हुए।
परिचालक को आजीवन कारावास, करौली में किराया विवाद को लेकर दिया था घटना को अंजाम
भास्करन्यूज | करौली
किरायेके विवाद को लेकर यात्रियों को कुचलने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण टेलर ने बस ड्राइवर राजू को सजा-ए-मौत सुनाई है, जबकि परिचालक को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। ड्राइवर पर एक लाख रुपए का अर्थ दंड भी किया गया है। घटना तीन साल पुरानी है। पुलिस ने उसी दिन चालक दौसा जिले के पाडली सिकंदरा निवासी राजू शर्मा को नादौती गुढाचन्द्रजी के बीच रोडवेज की बस से गिरफ्तार कर लिया। परिचालक को बाद में गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने चालक राजू शर्मा को धारा 302 307 में दोषी माना है। घटना में आगरा निवासी राहुल, बारहखंभा के सिंधी उर्फ राज, प्रवीण, बुद्ध बिहार आगरा के मनीष, आकाश संजय, चंद्रावली जालौर निवासी लक्ष्मीकांत उर्फ चुन्नी एक अन्य की मौत हुई थी।