सात साल बाद भी गरीबों को नसीब नहीं घरौंदा
राज्यसरकार द्वारा आवासन मंडल के माध्यम से सिकंदरा कस्बे में गरीबों के लिए प्रस्तावित घरोंदा योजना कागजों में ही दफन होकर रह गई। करीब सात साल पहले हुए सर्वे के बाद प्रशासन द्वारा इस ओर कोई कदम नहीं उठाने से यह मामला खटाई में पड़ गया।
आवासन मंडल के प्रयासों से राज्य सरकार ने करीब सात साल पहले मंडल की ओर से गरीबों के लिए स्वीकृत घरोंदा योजना में सिकंदरा का चयन किया था। इसके लिए आवासन मंडल के तत्कालीन सदस्य वर्तमान में राजस्थान खादी बोर्ड के चेयरमैन शिंभु दयाल बडगूजर ने इंजीनियरों के साथ सिकंदरा कस्बे में नले वाले बालाजी के पास भूमि का अवलोकन कर सर्वे भी किया, लेकिन इसके बाद विधानसभा चुनाव होने तथा सरकार बदलने से इस दिशा में प्रयास नहीं होने से यह योजना खटाई में पड़ गई।
यहथी योजना
योजनाके अंतर्गत क्षेत्र में रहने वाले गरीब लोगों को राजस्थान आवासन मंडल की ओर से सस्ती दरों पर मकान तैयार करवाकर उपलब्ध करवाना था, लेकिन योजना शुरू नहीं होने से अल्प आयवर्ग के लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
^सिकंदरा कस्बे में आवासन मंडल के अधिकारियों ने उस समय सर्वे कर यहां का चयन किया था। इस मामले में पत्रावली दिखवाकर मंडल के अधिकारियों से पत्र व्यवहार किया जाएगा तथा स्कीम को फिर से लागू कराने के लिए मंत्री से भी मिलकर प्रयास किए जाएंगे। अमरसिंह कसाना, सरपंच, पंचायत सिकंदरा