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कई गांवों की प्यास बुझाता था कालकाजी

7 वर्ष पहले
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सिरोही समेत 504 एकड़ भूमि में खेतों की सिंचाई का मुख्य स्त्रोत है कालकाजी बांध,

भास्करन्यूज | सिरोही

शहरसमेत आसपास के करीब दर्जन भर गांवों को फायदा पहुंचाने वाला हमारा कालकाजी बांध आज खुद पानी को तरस रहा है। करीब 511 साल पहले स्टेट टाइम में शहर में पेयजल स्त्रोत के लिए तत्कालीन महाराजा अखेराज ने इसकी स्थापना की थी। तब से लेकर अब तक यह बांध शहर समेत आसपास के कई गांवों में खेतों की भूमि को सिंचित करने का काम कर रहा है, लेकिन इस बार प्रशासन की लापरवाही के कारण बारिश के बावजूद बांध में पानी की आवक नहीं हो पाई।

दरअसल, फोरलेन निर्माण के दौरान बाहरीघाटा की पहाडिय़ों को काट दिया है और बांध में पानी की आवक के सहायक नालों में पत्थर मलबा डाल दिया। इस कारण इस बार इसके सहायक नाले झौंप बूझ नाले में पानी बहा ही नहीं। सारा पानी पहाड़ी में डाले गए मलबे में रिस रहा है। दूसरी तरफ अब मानसून भी अंतिम दौर में चल रहा है। प्रशासन अब भी नहीं चेता और बांध के सहायक नालों में पड़े मलबे को नहीं हटावाया गया, तो बांध इस बार खाली ही रह जाएगा, जिसका खामियाजा यहां की जनता को भुगतना पड़ेगा।

भास्कर सरोकार

कलेक्टर से मांगी है रिपोर्ट

^बांधके सहायक नालों में मलबा पड़ा होने के संबंध में कलेक्टर से दो दिन पहले बात की है और इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर मांगी है, ताकि कार्रवाई की जा सके। साथ ही कलेक्टर को भी निर्देश दिए हैं कि वे एनएचएआई के अधिकारियों से बात कर नालों में पड़े मलबे का जल्द हटवाए ताकि कालकाजी में पानी की आवक हो सके। -ओटारामदेवासी, विधायक

इन गांवों को पहुंचता है कालकाजी से फायदा

सिरोहीशहर रामपुरा गांव की 504 एकड़ भूमि में खेतों की सिंचाई का मुख्य स्त्रोत कालका बांध है। इस बांध में भरे पानी से सिरोही, रामपुरा, खांबल, पाडीव, बलवंतगढ़, गोयली, पीपलकी, पालड़ी आर, जावाल नवाखेड़ा समेत आसपास के कई गांवों के सैकड़ों कृषि कुएं रिचार्ज होते हैं। अगर इस बार बांध में पानी नहीं आया तो कुओं में जल स्तर नहीं बढ़ पाएगा, जिससे किसानों समेत ग्रामीणों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

6 साल तक क्षतिग्रस्त रहा बांध

19अगस्त 2006 में सिरोही में हुई अतिवृष्टि के दौरान कालका बांध क्षतिग्रस्त हो गया था। किसानों की सिंचाई का मुख्य स्त्रोत अतिवृष्टि की भेंट चढ़ने से उन्हें काफी आर्थिक नुकस