मुकुल की गाइडिंग स्टीक को मिले 3 अवार्ड
सिरोही. ब्लांइडलोगों के लिए सिरोही के छात्र मुकुल ने स्टीक बनाई है।
यह मिले अवार्ड
हो चुका है टीवी पर प्रसारण
मुकुलके इनोवेशन का जी क्यू चैनल पर भी प्रसारण हो चुका है। इस कार्यक्रम में बच्चों के इनोवेशन के बारे में बताया जाता है। टीनोवेशन नाम के इस कार्यक्रम में कुछ माह पूर्व ही मुकुल की स्टीक के बारे में बताया गया था।
कैसे करता है काम
मुकुलने साधारण तरह की स्टीक के नीचे एक बॉक्स बनाकर उसमें सेंसर लगाए हैं। बॉक्स में तीन अलग अलग सेंसर हैं जो तीन प्रकार के खतरों का संकेत देते हैं। अलग अलग खतरों के लिए अलग अलग आवाज में अलार्म बजता है।
1. रास्ते में रुकावट : यदि किसी नेत्रहीन व्यक्ति के रास्ते में कोई बड़ा पत्थर, दीवार या ऐसी ही कोई अन्य रुकावट आती है तो सेंसर बज जाता है। यह माइक्रो स्विच प्रणाली पर काम करता है यानी वस्तु से टच होते ही सेंसर से जुड़ा अलार्म बज जाता है।
2. रास्ते में खड्डा आने पर : यदि नेत्रहीन व्यक्ति के रास्ते में कोई खड्डा आता है तो बॉक्स के नीचे लगा एक छोटा सा टायर खड्डे में चला जाता है। जैसे ही वह अपनी सतह से नीचे जाता है अलार्म बज उठता है। यह ग्रेविटी फॉल डिवाइस सिस्टम से काम करता है।
3. मूवेबल वस्तु आने पर : यदि नेत्रहीन व्यक्ति के सामने कोई मूवेबल वस्तु आती है तो करीब चार कदम की दूरी पर ही अलार्म बज उठता है। यह अल्ट्रा साउंड सिस्टम से काम करता है। इससे सामने रहे वाहन, व्यक्ति या आवारा पशु से बचा जा सकता है।