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- 2 दिन पहले रोका टावर का काम, छुट्टी आई तो फिर कर दिया शुरू
2 दिन पहले रोका टावर का काम, छुट्टी आई तो फिर कर दिया शुरू
अवैध निर्माण को लेकर नगर परिषद नहीं दे रही ध्यान
दो दिन पहले ही प्रशासन ने जिस टॉवर को अवैध बताते हुए काम रुकवाया था। शनिवार को दो दिन की छुट्टी आने पर वहीं काम वापस शुरु कर दिया गया। जबकि खुद एसडीएम ने मौके पर जाकर इस काम को सीज किया था। खास बात तो यह है कि सवेरे से काम शुरु हुआ तो नगर परिषद आयुक्त से लेकर परिषद के अन्य कर्मचारी इसके प्रति बेफिक्र ही रहे। जबकि एसडीएम को इस बात की भनक लगते ही उन्होंने तत्परता से नगरपरिषद के अधिकारी को भेजकर दोपहर बाद काम को पुन: रुकवा दिया। जबकि इस बारे में आयुक्त से जब बात करनी चाही तो वे कुछ नहीं बता सके। ऐसे में सवाल उठता है कि इस प्रकार छुट्टियों का फायदा उठाकर शहर में कितने अवैध निर्माण कार्य होते होंगे और क्या ये बिना जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के संभव है। शहर में अवैध निर्माण रोकने के लिए नगर परिषद जिम्मेदार है और वह ही इस प्रकार बेफिक्र रहती है। इस मामले में भी पहले दिन एसडीएम ने कार्रवाई की, परिषद को तो उस दिन भी भनक नहीं थी। सघन आबादी वाले क्षेत्रों में 20 फीट से ऊंचे और एक से सात टन वजनी टावर लगाने के कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं होने का मोबाइल कंपनियां फायदा उठा रही है। शहर में करीब 25 मोबाइल टावर लगे हुए है।
शेष|पेज15
कईमौतों के लिए जिम्मेदार माना था, राजधानी में हुए थे प्रदर्शन
मोबाइलटावर की रेडिएशन केवल कैंसर ब्रेन ट्यूमर जैसी घातक बीमारियां फैलती हैं, बल्कि इससे नपुंसकता, हार्ट अटैक, सिर दर्द, बेचैनी याददाश्त कमजोर होने का खतरा भी बना रहता है। इसके विरोध में वर्ष 2012 को राजधानी जयपुर में 70 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन हुए थे। जयपुर में आदिनाथ मार्ग के निवासियों ने नगर निगम में इस बात की शिकायत दर्ज कराई थी कि मोबाइल टावरों से निकल रहे रेडिएशन से कैंसर और ट्यूमर जैसी बीमारियां हो रही हैं। उनका दावा था कि रेडिएशन से कॉलोनी में सात लोगों को कैंसर हो चुका है, जिनमें दो की मौत भी हो गई। इस पर तत्कालीन नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव जीएस संधु ने मोबाइल कंपनियों तथा नगर निगम अफसरों की बैठक लेकर कॉलोनी में एक ही मकान पर लगे तीन टावरों को सीज कर दिया था।
रेडिएशननहीं घटाने पर जुर्माने का प्रावधान
डिपार्टमेंटऑफ टेलीकम्यूनिकेशन (डीओटी) ने टेलीकॉम कंपनी के प्रतिनिधियों को नोटिस देकर 1 सितंबर 2012 से म