पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • प्रतिबंधितजिलों क

प्रतिबंधितजिलों क

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
विनोद मित्तल | जयपुर

प्रतिबंधितजिलों के मामले में भले ही राज्य सरकार दोहरा रवैया अपना रही हो, लेकिन इन 10 जिलों में कई जिले तो बोर्ड परीक्षा परिणाम में सामान्य जिलों से भी आगे हैं। यही नहीं बोर्ड के औसत परिणाम को भी कुछ जिलों ने पीछे छोड़ दिया है। यहां तक की जयपुर, कोटा जैसे शहरों का परिणाम में कुछ जिलों से काफी कम है। हालांकि 2011 के आंकड़ों के अनुसार इन 10 जिलों में से 8 जिले साक्षरता में प्रदेश के अन्य जिलों से पिछड़े हुए हैं। इस मामले में बारां, बीकानेर ने अन्य सामान्य जिलों को काफी पीछे
प्रतिबंधितजिलों के मामले में भले ही राज्य सरकार दोहरा रवैया अपना रही हो, लेकिन इन 10 जिलों में कई जिले तो बोर्ड परीक्षा परिणाम में सामान्य जिलों से भी आगे हैं। यही नहीं बोर्ड के औसत परिणाम को भी कुछ जिलों ने पीछे छोड़ दिया है। यहां तक की जयपुर, कोटा जैसे शहरों का परिणाम में कुछ जिलों से काफी कम है। हालांकि 2011 के आंकड़ों के अनुसार इन 10 जिलों में से 8 जिले साक्षरता में प्रदेश के अन्य जिलों से पिछड़े हुए हैं। इस मामले में बारां, बीकानेर ने अन्य सामान्य जिलों को काफी पीछे छोड़ रखा है।

येजिले हैं औसत परिणाम से आगे : दसवींके औसत परिणाम से बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, बारहवीं कला वर्ग में जालौर, झालावाड़, बारां, वाणिज्य वर्ग में बाड़मेर, बीकानेर, डूंगरपुर, जैसलमेर, जालौर, बारां और विज्ञान वर्ग के औसत परिणाम से बांसवाड़ा, बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, जालौर, सिरोही जिले के परिणाम अधिक रहा है।

प्रतिबंधितजिलों के शिक्षकों का दर्द फूटा : दैनिकभास्कर में गुरुवार के अंक मेंच्तबादले की दो नीतियां, जिससे 10 जिलों में नौकरी मतलब काला पानीज् शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद इन जिलों में कार्यरत शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने 1400 से अधिक फोन कॉल्स 600 से अधिक एसएमएस के माध्यम से अपनी पीड़ा सुनाई। साथ ही शिक्षकों ने कुछ सुझाव दिए कि सरकार किस तरह से उन्हें राहत दे सकती है।