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साफ करो नाले, वरना करेंगे आंदोलन

7 वर्ष पहले
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कालकाजीबांध के सरंक्षण और इसके नालों को खुलवाने के लिए शहरवासी एकजुट होने लगे हैं। मंगलवार को शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर वार्ता की। जिसमें बांध के महत्व के बारे में बताते हुए कहा गया कि यदि प्रशासन ने शीघ्र ही इसके नालों से मलबा और पत्थर नहीं हटवाए तो मजबूरन आंदोलन किया जाएगा। जिसके तहत फोरलेन पर काम रोका जाएगा और यहां तक की टोल टैक्स वसूला जाता है तो वह भी नहीं दिया जाएगा। इसके बाद कलेक्टर वी. सरवन ने एलएनटी कंपनियों के प्रतिनिधियों से बात की। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि मलबे को शीघ्र ही हटा दिया जाएगा।

26को बुलाई बैठक

इसमामले में कलेक्टर ने 26 सितंबर को बैठक बुलवाई है। जिसमें संरक्षण समिति के सदस्य, जिला प्रशासन, एनएचएआई, एलएनटी कंपनी के प्रतिनिधि और जल संसाधन विकास विभाग के अधिकारी भाग लेंगे। वहीं वार्ता के दौरान एसडीएम ओपी विश्नोई इरिगेशन के एईएन प्रकाशचंद्र भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बाहरीघाटा में जिन प्राकृतिक नालों में हाईवे निर्माण के दौरान मलबा डाला गया है, उसकी फोटोग्राफी करवा कर कंपनी अधिकारियों को भिजवा दी है और उसे जल्द हटाने को कहा है। वार्ता के दौरान समिति के एडवोकेट विरेंद्र सिंह चौहान, एडवोकेट सुरेश सुराणा, भुबाराम माली, मोहन माली, कमलकांत देवड़ा, करणसिंह राठौड़, नारायण देवासी, मो. हनीफ शेख आशुतोष पटनी समेत अन्य सदस्य मौजूद थे।

प्रशासन भी दिखाए गंभीरता

^कालकाजीबांध में पानी की आवक रास्तों में मलबा पड़ा होने से इस बार झौंप बूझ नालों में पानी नहीं बहा है और कालकाजी बांध अभी तक खाली पड़ा है। इस मामले को प्रशासन की ओर से गंभीरता से लेना चाहिए, ताकि समय रहते नालों की सफाई कराई जा सके और बांध में पानी की आवक हो सके। -मोहनलालमाली, रिटायर्डप्रधानाचार्य

एकजुट होने की जरुरत

^कालकाजी बांध के पानी आवक के नालों को खुलवाने के लिए प्रशासन ने आश्वासन दिया है। अगर इसके बाद भी नालों से मलबा नहीं हटाया गया तो आंदोलन करने को भी तैयार है। -नारायणदेवासी

हर हाल में हटाया जाए मलबा

^कालकाजीबांध में पानी की आवक में पैदा किए अवरोधक को हर हाल में हटाया जाएगा। तय सीमा में निर्माण एजेंसी द्वारा इन अवरोधो को नहीं हटाया गया तो, इसके लिए जन आंदोलन होगा और जरुरत पड़ी तो रोड जाम भी किया जाएगा, जिसके लिए जिला प्रशा