सामैया के साथ मुनिराज का नगर प्रवेश
पांच दिवसीय जिनेश्वर भक्ति महोत्सव एवं ऋण स्वीकार आयोजन में पहुंचे आचार्य विमलसागर सुरीश्वर
भास्करन्यूज | सिरोही
प्रवचन प्रभाकर आचार्य विमलसागरसूरी का शनिवार को शहर में जैन समाज की ओर से नगर प्रवेश पर सामैया के साथ स्वागत किया गया। आचार्य विमलसागरसुरीश्वर शहर में पांच दिवसीय जिनेश्वर भक्ति महोत्सव एवं ऋण स्वीकार आयोजन में यहां आए हैं। वहीं रविवार को वे आदर्शनगर में सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे। सवेरे 10 बजे शुरू होने वाली इस सार्वजनिक सभा में धर्म संस्कृति और संस्कार को परिवेश तथा सामयिक विषय से जोड़कर सारगर्भित व्याख्यान की स्वर सरिता बहेगी। सिरोही में आचार्य श्री की पहली सभा के आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इससे पूर्व शहर में सामैया कर शोभायात्रा निकाली गई, जो सुनारवाड़ा से गाजे बाजे के साथ रवाना होकर कृष्णापुरी स्थित जैन मंदिर से आचार्य श्री के साथ चर्तुविद संघ जैन वीसी पहुंची। यहां आचार्य ने मांगलिक प्रवचन में जैन धर्म के अहिंसा पक्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि आपसी संघर्ष और लडाइयां जीवन की शांति और प्रगति दोनों को बर्बाद करती है। इसलिए अहिंसा जीवन का सर्वश्रेष्ठ सिद्धांत है। आचार्य ने कहा कि महत्वाकांक्षी होना अच्छी बात है, लेकिन अत्यधिक महत्वाकांक्षा परिवार हो या संगठन, व्यापार हो या राजनीति, उन्हें नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि कभी भी संघर्ष से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि संघर्ष में ही जीवन निखरता है।
पांचदिन होंगे धार्मिक कार्यक्रम : रविवारको सार्वजनिक प्रवचन से शुरू होने वाले कार्यक्रम बुधवार तक जारी रहेंगे। इस दौरान बड़े आदेश्वरजी मंदिर, आचलिया मंदिर, अजितनाथ मंदिर तथा चौहमुख मंदिर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान समस्त जिनालयों में भव्य आंगी रोशनी तथा साधर्मिक भक्ति के भी आयोजन होंगे।
हुईपार्श्वनाथ पंच कल्याण पूजा : शनिवारदोपहर आचार्य के सानिध्य में पार्श्वनाथ पंच कल्याणक पूजा धार्मिक विधि के साथ समारोह पूर्वक संपन्न हुई। शाम को सामूहिक आरती एवं रात को मेहंदी गीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सिरोही. जैनाचार्य का समाज के लोगों ने सामैया कर स्वागत किया। फोटो| भास्कर
सिरोही. जैनाचार्य के शहर में आने पर शोभायात्रा निकाली गई। फोटो| भास्कर