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पेज 11 के शेष...

7 वर्ष पहले
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इसकारण यहां की बालिकाएं अपनी काबिलियत को आगे नहीं ला पा रही है। बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में परेशानी हो रही है। हालांकि, सरकार ने इस साल अक्टूबर में हर तीन पंचायतों पर एक सीनियर सैकंडरी स्कूल की घोषणा की थी, लेकिन बाद में उन पर एक साल के लिए बैन लगा दिया गया। इस घोषणा से पंचायत क्षेत्र में करीब 8 सीनियर सैकंडरी स्कूल होते, लेकिन फिलहाल यह एक साल के लिए टाल दिए गए हैं। इसके तहत जांबुड़ी, निचलागढ़, उपलागढ़, सियावा समेत अन्य क्षेत्रों में विज्ञान विषयों की पढ़ाई संभव हो पाती।

पहलीबैठक में...

कांग्रेसीपार्षद चाहते थे कि इस मुद्दे को एजेंडे में शामिल किया जाता जबकि सभापति का कहना था कि इसमें निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। बहरहाल कारण और मुद्दा कुछ भी हो, लेकिन हकीकत यह है कि नए बोर्ड की पहली ही बैठक में भी एक बार फिर वही हंगामे की सूरत सामने आई। बैठक खत्म होने की घोषणा के बाद पार्षद नारेबाजी करते हुए बाहर गए।

हंगामानहीं हमें विकास चाहिए : सीसीटीवीकैमरे के मामले को लेकर हंगामा कर रहे कांग्रेसी पार्षदों को सभापति ताराराम माली ने कहा कि हमें शहर का विकास करना है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना में भ्रष्टाचार की शिकायत उन्हें पहले से मिल चुकी थी और इसके लिए उन्होंने सांसद देवजी पटेल को पत्र भी लिखा। यह पत्र 4 दिसंबर को सांसद को भेजा गया था, जबकि पार्षदों ने 5 दिसंबर को ज्ञापन सौंपा था। इसलिए बोर्ड बैठक के एजेंडे में इसको शामिल नहीं किया गया। सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में अग्रिम भुगतान भी रोक लिया गया है। बावजूद इसके हंगामा करना ठीक नहीं है।

तीनोंमुद्दे अहम थे : इधर,बोर्ड की पहली बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा होनी थी। वे तीनों मुद्दे अहम थे। बैठक के एजेंडे में रोडलाइट, सफाई और परिषद में कर्मचारियों की कमी के मुद्दे शामिल किए गए थे। दैनिक भास्कर ने अपने बुधवार के अंक में इन तीनों ही मुद्दों पर मौजूदा स्थिति, समस्या और समाधान भी बताया था ताकि पार्षद सार्थक बहस कर सकें, लेकिन सिर्फ एक मुद्दे पर पूरी बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। हालांकि कांग्रेसी पार्षदों की ओर से उठाया गया सीसीटीवी कैमरों का मुद्दा भी काफी चर्चित है, लेकिन दोनों पक्षों की ओर से इस पर हंगामे के बावजूद कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया।



फोटो-24) इधर, पूर्व पार्षदों ने भी