पहली बैठक में चर्चा छोड़ सिर्फ हंगामा
सीसीटीवी कैमरों को लेकर कांग्रेसी पार्षदों ने किया हंगामा, लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
भास्करन्यूज | सिरोही
नगरपरिषदके नवगठित बोर्ड की पहली ही बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई और इस हंगामे में शहर के विकास से जुड़े तमाम मुद्दे दबकर रह गए। कम से कम रोडलाइट, सफाई और परिषद में कर्मचारियों की कमी पर तो चर्चा नहीं हो पाई।
बैठक की शुरुआत ही हंगामे से ही हुई और पूरी 20 मिनिट में बैठक खत्म हो गई। हंगामा शहर में लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरों के मुद्दे पर हुआ। कांग्रेस पार्षद जितेंद्र सिंघी ने कैमरे लगाने के टेंडर खर्च तक कंपलीट फाइल बोर्ड में बैठक में मंगाने की मांग की और धरने पर बैठ गए। अन्य कांग्रेसी पार्षद भी इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने लगे। जिस पर बैठक में हंगामे की स्थिति बन गई। एक बार तो ऐसा लगा कि जैसे पार्षदों में चर्चा को छोड़ सिर्फ हंगामे की होड़ लगी हो। एक साथ कई पार्षद अपनी बात कहने लगे और हंगामे में किसी को कुछ सुनाई नहीं दिया। हालांकि कांग्रेसी पार्षदों की ओर से उठाया गया यह मुद्दा शुरुआत से ही चर्चा में है और कुछ दिन पूर्व पार्षदों ने सभापति को ज्ञापन भी सौंपा था। शेष|पेज13
कांग्रेसीपार्षद चाहते थे कि इस मुद्दे को एजेंडे में शामिल किया जाता जबकि सभापति का कहना था कि इसमें निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। बहरहाल कारण और मुद्दा कुछ भी हो, लेकिन हकीकत यह है कि नए बोर्ड की पहली ही बैठक में भी एक बार फिर वही हंगामे की सूरत सामने आई। बैठक खत्म होने की घोषणा के बाद पार्षद नारेबाजी करते हुए बाहर गए।
हंगामानहीं हमें विकास चाहिए : सीसीटीवीकैमरे के मामले को लेकर हंगामा कर रहे कांग्रेसी पार्षदों को सभापति ताराराम माली ने कहा कि हमें शहर का विकास करना है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना में भ्रष्टाचार की शिकायत उन्हें पहले से मिल चुकी थी और इसके लिए उन्होंने सांसद देवजी पटेल को पत्र भी लिखा। यह पत्र 4 दिसंबर को सांसद को भेजा गया था, जबकि पार्षदों ने 5 दिसंबर को ज्ञापन सौंपा था। इसलिए बोर्ड बैठक के एजेंडे में इसको शामिल नहीं किया गया। सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में अग्रिम भुगतान भी रोक लिया गया है। बावजूद इसके हंगामा करना ठीक नहीं है।
तीनोंमुद्दे अहम थे : इधर,बोर्ड की पहली बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा होनी थी। वे तीनों मुद्दे अहम थे। बैठक के एजेंड