‘प्रभु की प्राप्ति के लिए पवित्रता जरुरी’
रामझरोखामैदान में चल रही कथा के अवसर पर संत दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि मनुष्य को अपने भीतर की शक्ति को पहचानना चाहिए। जब तक मनुष्य खुद को नहीं पहचानेगा। तब तक वह प्रभु की प्राप्ति भी नहीं कर सकता।
प्रभु की प्राप्ति उसी व्यक्ति को होती है। जो मन, वचन और कर्म से पवित्र होता है। जब हमारा मन पवित्र होगा तब हमारे विचार भी पवित्र होंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। कथा के बीच बीच में महाराज ने भजनों की प्रस्तुतियों से सबको भाव विभोर कर दिया।
सिरोही. भागवत कथा में कथा उपस्थित महिलाएं।