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शहर के लिए हर साल 30 करोड़ का बजट लेकिन कहीं भी नजर नहीं आता विकास

5 वर्ष पहले
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परिषद बजट की घोषणाओं हकीकत में जमीन आसमान का अंतर

शहर के विकास में नगर परिषद पिछले छह सालों में करीब 134 करोड़ का बजट पारित कर चुकी है

भास्करन्यूज | सिरोही

नगरपरिषद में हर साल करीब 30 से 35 करोड़ रुपए का बजट पारित किया जाता है। दावा किया जाता है कि इससे शहर के विकास और सौंदर्यीकरण के काम होंगे। कई घोषणाएं भी की जाती हैं, लेकिन यदि बजट की घोषणाओं और जमीन पर होने वाले कामों पर नजर डालें तो दिन रात का अंतर नजर आता है यानी जो दावे किए गए उनमें से किसी पर काम नहीं हुआ।

कुछ ही दिन बाद नगर परिषद एक बार फिर शहर का बजट पारित करेगी। अक्सर इस पर चर्चा तक नहीं होती और पार्षदों को यह तक पता नहीं होता कि बजट में क्या क्या प्रावधान किए गए हैं और वे इसमें क्या जुड़वा सकते हैं। यदि पिछले साल की बजट की बात करें तो नगर परिषद ने 34 करोड़ का बजट पारित किया था। यदि पिछले छह साल की बात करें तो करीब 134 करोड़ का बजट पारित हो चुका है, लेकिन शहर में देखा जाए तो कहीं कोई काम नजर नहीं आता। पिछले एक साल में मौजूदा बोर्ड की ओर से जो बड़ी घोषणाएं की गई उनकी हालत ही ऐसी है कि कोई काम नहीं हुआ। ऐसे में सवाल उठता है कि हर साल इतने बड़े बजट के बावजूद शहर की सरकार इसके प्रति इतनी बेपरवाह कैसे हो सकती है।

हकीकत| सड़केंचौड़ी हुई और ही चौराहा का सौंदर्यीकरण।

हकीकत

इनमेंसे किसी एक पर भी काम नहीं हुआ।

दूसरी बैठक

हाउसिंगबोर्ड के सामने प्रार्थनीय बस स्टैंड को आधुनिक बस स्टैंड बनाने, हवाई पट्टी को शहर से दूर स्थानांतरित करने, भाटकडा सर्किल पर ज्योतिबा फूले प्रतिमा लगाने, तीन बत्ती चौराहा और गोयली चौराहा सौदर्यीकरण, जेल रोड पर सड़क चौड़ी करके मूर्ति लगवाने, सरजावाव गेट जीर्णोद्धार, सरजावाव गेट चौराहे का सौंदर्यीकरण करके महाराणा प्रताप की मूर्ति लगवाने, पार्कों का जीर्णोद्धार, नेहरू गार्डन में फव्वारा और झरना चालू करना, अहिंसा सर्किल से सरकेएम स्कूल तक सड़क चौड़ी करना सौंदर्यीकरण, कालकाजी तालाब मुख्य मार्ग से अर्बुदा गोशाला तक रोड चौड़ी करना, मुख्य द्वार बनवाकर सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव।

पहली बैठक

मुख्यचौराहों का सौंदर्यीकरण, भाटकडा सर्किल से कालकाजी ओवरफ्लो तक सड़क निर्माण, अंबेडकर सर्किल से पुराना बस स्टैंड होते हुए कलेक्ट्रेट चौराहे तक डबल लेन सड़क, तीन बत्ती से रामपुरा रोड तक डबल रोड का प्रस्ताव।

विकास के नाम पर सिर्फ सीसी सड़क

पूरेसाल में विकास के नाम पर सिर्फ सरजावाव गेट से लेकर नगरपरिषद कार्यालय तक सीसी सड़क का काम हुआ है। यह काम भी दो बार बजट बढ़ाने से विवादों में रहा। इस सड़क को भी बनाने के बाद डिवाइडर के बीच आकर्षक लाइट्स लगाने का वादा पूरा नहीं किया। डिवाइडर के बीच लगे बिजली पोल पर एलईडी लगाकर इतिश्री कर दी। जबकि, सभापति और आयुक्त यहां दस-दस फीट के पोल लगाकर उस पर हेरिटेज लाइट्स लगाने का दावा कर रहे थे।

देखा मौका, पोल हटे चौड़ाई बढ़ी

जेलचौराहा से लेकर भाटकड़ा सर्किल तक सड़क के दोनों किनारों पर लगे बिजली पोल को हटाने तथा सड़क चौड़ाई बढ़ाने के लिए सभापति और आयुक्त ने जेईएन, एईएन और एक्सईन की पूरी टीम के साथ मौका देखा था, लेकिन आज तक तो बिजली के पोल हटे और ही सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के प्रयास हुए। सड़क पर हुए अतिक्रमण भी हटाने के प्रयास नहीं किए गए। सभापति ने डिस्कॉम एईएन को मौके पर बुलाकर पोल हटाने के लिए एस्टीमेट भी बनवाया था, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी।

तीन सड़कें लेकर भूली नगरपरिषद

नगरपरिषदने शहर की तीन प्रमुख सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने और सौंदर्यीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी से खुद के कब्जे में लिया है। इनका सौंदर्यीकरण तो दूर, तो अतिक्रमण हटा और ही चौड़ाई बढ़ी। इनमें पैलेस रोड, अहिंसा सर्किल से भाटकड़ा सर्किल और अंबेडकर सर्किल से वाया पुराना बस स्टैंड होते हुए कलेक्ट्रेट चौराहा तक की सड़क शामिल है। सभापति ताराराम माली और पूर्व आयुक्त लाल सिंह राणावत ने पैलेस रोड का निरीक्षण करके इसके सौंदर्यीकरण की बात कहीं थी, लेकिन पूरे साल में फुटपाथ की टूटी टाइल्स भी नहीं सुधरी।

हुआ क्या

जेलचौराहे पर एक अतिक्रमण को हटाकर इतिश्री कर ली गई। बाकी चौराहों पर तो जाकर ही नहीं देखा। एक साल पहले मूर्तियां लगाने का प्रस्ताव लिया था। इसके बाद चर्चा तक नहीं हुई।

भाटकड़ा चौराहे, जेल चौराहे, तीन बत्ती चौराहे का सौंदर्यीकरण होगा। यहां मूर्तियां लगाई जाएगी। सड़कों को चौड़ा किया जाएगा।

पैलेस रोड का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। रोड को चौड़ा कर उस पर हैरिटेज लाइट और बैंचें लगाई जाएगी। टाइल्स भी नए सिरे से लगेंगी।

हुआक्या

पैलेसरोड पहले से भी अधिक बदहाल हो गया है। जब चिकित्सामंत्री आए थे तो एक दिन जरुर टाइल्स लगाई गई अब वह काम भी बंद हो गया। हैरिटेल लाइट तो दूर सामान्य लाइट ही गायब।

हुआ क्या

सीसीरोड बनाकर काम की इतिश्री कर ली। बीच में एक दो पोल हटा दिए, लेकिन अतिक्रमण जस का तस ही है। लोगों की जितनी बड़ी दुकान है उससे अधिक सामान तो सड़क पर रखा होता है।

बाजार में अतिक्रमण हटाये जायेंगे। हैरिटेज लाइट लगाई जाएगी। यातायात व्यवस्था को सुधारा जाएगा। पार्किंग व्यवस्था होगी।

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