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एक पखवाड़ा बीता, कोई अधिकारी नहीं आया अस्पताल

5 वर्ष पहले
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आजसे ठीक 17 दिन पहले 23 जनवरी का दिन याद होगा आप सभी को। प्रदेश के चिकित्सा मंत्री राजेंद्रसिंह राठौड़ सिरोही आए थे। जिला अस्पताल में पांच करोड़ों की लागत से तैयार पांच यूनिट्स और एक धर्मशाला का उद्घाटन किया था। उस दिन जिसने भी अस्पताल को देखा हतप्रभ ही रह गया था। क्या सुविधाएं थी और क्या सफाई और कितने डॉक्टर। स्टाफ भी पूरा। अस्पताल देखकर मंत्री भी बेहद खुश हुए थे और घोषणा की थी कि यह अस्पताल सही ढंग से चले इसके लिए मैं हर 15 दिन में यहां अधिकारियों को निरीक्षण के लिए भेजूंगा। दस दिन में सारे डॉक्टर लगा दूंगा। सरकार कोई कमी नहीं आने देगी। अधिकारी जिम्मेदारी से काम करें। इसके लिए मैं खुद मॉनिटर करूंगा, लेकिन महज 15 दिन में ही उनके ये सारे दावे गलत साबित हो गए। पूरा एक पखवाड़ा बीत गया। इन 15 दिन में अस्पताल बदहाल भी हो गया और एक भी अधिकारी ने निरीक्षण तक नहीं किया।

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मंत्रीके आने से पहले जो 12 डॉक्टर लगाए गए थे। उनमें से भी आधे वापस चले गए। आया एक भी नहीं। खास बात तो यह है कि जिन अधिकारियों को अस्पताल का निरीक्षण करना था। वे मंत्री के आने से पूर्व 30 दिन में सात बार यहां आए। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल मंत्रियों को खुश करने तक की थी। उन्हें मरीजों और उनकी परेशानियों से कोई लेना देना नहीं था।

... तब एक महीने में सात निरीक्षण, अब एक भी नहीं

22दिसंबर : पीएमओने अस्पताल को लेकर जानकारी दी। कहा, शीघ्र ही ट्रोमा सेंटर आईसीयू समेत अन्य सुविधाएं शुरू होगी।

{23 दिसंबर : पीएमओनर्सिंग स्टाफ ने बंद पड़े कमरों का निरीक्षण किया तथा मौजूद उपकरणों को देखा।

{2 जनवरी : चिकित्साविभाग के संयुक्त निदेशक डॉ.संजीव जैन ने अस्पताल का निरीक्षण कर तमाम सुविधाएं शीघ्र शुरू करने की बात कही। इस दौरान उनसे पर्याप्त स्टाफ लगाने की मांग भी की गई।

{4 जनवरी : कलेक्टरवी सरवन कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।

{5 जनवरी : कलेक्टरने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली उद्घाटन को लेकर तैयारियों के लिए निर्देश दिए।

{9 जनवरी : जिलाप्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी ने उद्घाटन को लेकर चल रही तैयारियों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने उद्घाटन से पहले सारी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।

{16 जनवरी : चिकित्साविभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. संजीव जैन ने जिला अस्पताल में चल रही तैयारियों का जायजा लिया।

{23 जनवरी : चिकित्सामंत्री राजेंद्र राठौड़ ने विभिन्न यूनिट्स का उद्घाटन किया था तथा चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निरीक्षण के निर्देश दिए थे।

चले गए व्यवस्था के लिए लगाए डॉक्टर्स

नईसेवाओं के उद्घाटन से एक दिन पहले ही 14 डॉक्टर्स को व्यवस्थाओं के लिए लगाने के आदेश हुए थे, लेकिन इसमें से केवल 9 डॉक्टर्स ने ही ज्वाइन किया। इसमें से पांच तो जिले के ही डॉक्टर्स थे। जोधपुर से आए तीन डॉक्टर्स तो उद्घाटन कार्यक्रम पूरा होने के बाद ही वापस रवाना हो गए थे। वहीं बाकी चार भी कुछ दिन बाद लौट गए। अब अस्पताल में नए लगाए डॉक्टर्स में से 5 डॉक्टर और 9 नर्सिंग स्टाफ ही बचे हैं, जिससे इन यूनिट्स के संचालन में परेशानी हो रही है।

अभी नहीं लगे नए डॉक्टर्स

^अस्पतालमें नई यूनिट्स के संचालन के लिए नए डॉक्टर्स नहीं लगाए गए हैं। इस संबंध में ज्वाइंट डायरेक्टर संजीव जैन से संपर्क करना चाहा, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा है। जितने डॉक्टर्स अभी अस्पताल में कार्यरत है उनसे ही विभिन्न यूनिट्स का संचालन कर रहे हैं। ज्वाइंट डायरेक्टर ने उद्घाटन के बाद अभी तक विजिट नहीं की है। -डॉ. प्रदीप चौहान, पीएमओ

क्या कहा था मंत्री ने

मैंयकीन दिलाता हूं कि अब इस अस्पताल को बदहाल नहीं होने देंगे। दस दिन में नए डॉक्टर और स्टाफ लगाया जाएगा। जिन यूनिट का मैने उद्घाटन किया है। वे सही चल रही हैं या नहीं इसके लिए हर 15 दिन में जोधपुर से आला अधिकारी यहां का निरीक्षण करेंगे। इसके लिए उन्हें पाबंद करके जा रहा हूं।

...औरहुआ क्या

शायदजो हुआ उस पर मंत्री को भी यकीन ना हो। उनके जाने के दो घंटे में तीन डॉक्टर और तीन दिन में 12 में से 6 डॉक्टर वापस चले गए। आया एक भी नहीं। पूरे 17 दिन बीत चुके हैं। आज तक एक भी अधिकारी ने निरीक्षण नहीं किया। जोधपुर तो छोडि़ए कलेक्टर तक ने वापस मुड़कर अस्पताल नहीं देखा।

जिला अस्पताल में विभिन्न यूनिट्स के उद्घाटन से पहले इनके संचालन के लिए विभाग से 14 डॉक्टर्स समेत 49 का स्टाफ मांगा था।

{ 4 विशेषज्ञ : जिसमेंरेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, एनस्थेटिक सर्जन शामिल थे।

{10 मेडिकल ऑफिसर : ताकिशुरू की गई सेवाओं को राउंड क्लॉक चलाया जा सके।

{35 नर्सिंग स्टाफ : इनकेअभाव में नई सेवाएं सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।

सिरोही. अब अस्पताल में रखी स्ट्रेचर बगैर गद्दे के नजर आती है।

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