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माता पिता की सेवा पहला धर्म: मोरारी बापू

5 वर्ष पहले
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सिरोही | महामंडलेश्वरपुष्कर पीठाधीश्वर दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि माता-पिता की सेवा हमारा सबसे पहला धर्म है। क्योंकि, जब हम इस धरती पर पैदा हुए तो हमारे सामने हमारे माता पिता ही थे। यह जीवन माता-पिता की देन। इसलिए उनकी सेवा करना पहला परम कर्तव्य है। वे रामझरोखा मैदान में आयोजित श्रीदेवी भागवत की कथा के दौरान प्रवचन कर रहे थे। मोरारी बापू ने कहा कि माता-पिता, सूर्य-चंद्र और गुरु पृथ्वी के साक्षात भगवान है। देवी भागवत में सत्यवती और महाराज शांतनु के पुत्र भीष्म ने पितृ भक्त हुए उन्होंने अपने माता पिता के सुख के लिए आजीवन ब्रह्मचर्य का प्रण ले लिया। भगवान राम ने पिता दशरथ के आज्ञा को मानकर अयोध्या को 14 वर्षों तक त्याग कर दिया। भगवान परशुराम ने अपने पिता की आज्ञा रखी जगत प्रसिद्ध है। इसलिए पुत्र का परम धर्म है, कि पिता को संतुष्ट और सुखी रखना। आज की कथा में माता दुर्गा के प्रगाटय झांकी का दर्शन पूजन समस्त श्रद्धालुओं ने किया। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।

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