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बदहाल हुईं बीएसएनएल संचार सेवाएं

7 वर्ष पहले
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संचार क्रांति के इस दौर में जहां एक ओर सरकार संचार सेवाओं के माध्यम से आमजन को सरकारी योजना का सीधा फायदा पहुंचाकर पारदर्शिता लाने की कवायद कर रही है। ज्यादा से ज्यादा मित्र सेवा के केंद्र खोलकर आमजन को सरकारी कार्य के लिए चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाने की कोशिश कर रही है। वहीं दूसरी ओर उपखंड क्षेत्र में लंबे समय से बीएसएनएल सेवाओं में सुधार के कारगार कदम नहीं उठाए जाने से संचार सेवाओं का भट्टा बैठता जा रहा है।

बेसिकफोन बंद होने के कगार पर

बीएसएनएलपरिमंडल कार्यालय सिवाना एक्सचेंज में एक दशक पहले करीब डेढ़ हजार बेसिक फोन कनेक्शन चल रहे थे। वहीं ग्रामीण अंचल में पादरु में 700, मोकलसर में 500, खंडप में 400, इंद्राणा में 400, मेली में 250, कुंडल में 200, काठाड़ी में 200 बेसिक उपभोक्ता थे। एक दशक से लगातार रखरखाव एवं तकनीकी सुधार का अभाव बैटरियां, जनरेटर एसी उपकरणों के खराब पड़े रहने से ज्यादातर समय बेसिक सेवा ठप रहने के कारण बेसिक फोन उपभोक्ताओं ने कनेक्शन कटवा दिए। वर्तमान में कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र में बेसिक फोन उपभोक्ताओं की संख्या नाममात्र की रह गई है। निगम की अोर से मेली में एक्सचेंज ही बंद कर गत पखवाड़े में बोरियां बिस्तर समेटकर एक्सचेंज भवन खाली कर दिया है। निगम की अोर से एक्सचेंज के रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। खंडप एक्सचंेज से जुड़े ग्रामीण लाइनें कटी पड़ी है। दुरुस्त नहीं होने से दो माह से फोन बंद है। वहीं पादरु एक्सचेंज में एक लाइनमैन के भरोसे ही कार्य चल रहा है।

यहींस्थिति इंटरनेट सेवा की

बेसिकसेवा के मार्फत निगम की अोर से संचालित होने वाली इंटरनेट ब्रॉडबैंड सेवा की स्थिति दयनीय बनी हुई है। बेसिक फोन सेवा की बिगड़ी स्थिति के कारण उपभोक्ताओं को ब्रॉडबैंड सेवा भी पूरी तरह से नहीं मिल पा रहा है। सिवाना कस्बे में निगम की ब्रॉडबैंड सेवा ज्यादातर समय खराब पड़ी रहती है। वहीं गांवों में ब्राॅडबैंड सेवा नगण्य है।

मोबाइलसेवा भी रहती है खराब

कस्बेमें बीएसएनएल का सैकंड टाॅवर गत डेढ़ दशक से मेंटेनेस के अभाव में खराब रहने के कारण आधे कस्बे में मोबाइल सेवा ठप रहती है। वहीं जनरेटर बैटरी के अभाव में बिजली कटौती होते ही मोबाइल सेवा ठप हो जाती है। मेली, धारणा, सैला, कुंडल सहित एक दर्जन ग्राम पंचायतों में टॉवर के अभाव में मोबाइल सेवा उपलब्ध नहीं है।