हो रहा पॉलीथिन का धड़ल्ले से प्रयोग
सिवानाउपखण्ड क्षेत्र में पॉलीथिन का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। खुलेआम पॉलीथिन की बिक्री हो रही है। जगह जगह पॉलीथिन की थैलियों के ढेर पड़े नजर आते हैं।
स्थिति यह है कि पॉलीथिन के कचरे के कारण कस्बे की नालियां भी डट जाती है, इसके कारण नालियां ओवर फ्लो होकर पानी सड़कों पर बहता रहता है। पॉलीथिन के कचरे को आवारा पशु खाने से वे इनका शिकार हो रहे हैं। ज्यादातर गौ वंश बाजार में विचरण करते हैं, जो प्लास्टिक को कागज के साथ निगल लेते हैं। इस कारण उनके पेट में प्लास्टिक की गांठ बंध जाती है, फिर धीरे धीरे वो पशु काल ग्रसित हो जाते हैं। ऐसे कई मामले देखने को मिले हैं, जिसमे पशुओं के पेट से अधिक मात्रा में प्लास्टिक निकाला गया। साथ ही प्लास्टिक के कारण पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। सर्दी का मौसम होने के कारण लोग आग जलाते वक्त प्लास्टिक को भी जला देते हैं। प्लास्टिक के इतने घातक परिणाम होने राज्य में प्रतिबंधित होने के बावजूद प्रशासन प्लास्टिक की रोकथाम के कोई प्रयास नहीं कर रहा है।
^प्लास्टिककी वास्तव में बहुत बड़ी समस्या है। प्रशासन को इसके लिए अभियान चलाकर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। -सोहनसिंहभायल, जिला परिषद सदस्य
^व्यापारियोंको व्यक्तिगत समझाइश करने के बावजूद अभी तक धड़ल्ले से इसका उपयोग हो रहा है। प्रशासन इस कार्यवाही करे। -मंजूदेवी,बागरेचा, सरपंच, ग्राम पंचायत सिवाना
^पॉलीथिनका उपयोग हो रहा है तो कार्रवाई करेंगे।-जोधसिंह, तहसीलदार,सिवाना
^पॉलीथिनकी धरपकड़ हेतु जल्दी ही अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। -सुरेन्द्रसिंहमीना, उपखण्ड अधिकारी, सिवाना