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- \"हर तरफ आंधियां हैं नफरतों की, मैं फिर भी दीया हूं प्यार का\'
\"हर तरफ आंधियां हैं नफरतों की, मैं फिर भी दीया हूं प्यार का\'
हैफामें शहीद हुए पाली के जांबाजों के जोश और जज्बे को देश के लब्ध प्रतिष्ठित कवियों ने मंगलवार रात साहित्य सुमन अर्पित किए। उनके शौर्य और पराक्रम को सलाम करते हुए कवियों ने राष्ट्रभक्ति को नए तेवर कलेवर में प्रस्तुति दी। हैफा दिवस की याद में नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन प्रदीप हिंगड़ की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन में वीर, ओज शृंगार रस से सराबोर रचनाओं में पाली के श्रोताओं में नया जुनून पैदा किया।
लाखोटिया उद्यान के किनारे बने मुक्त आकाशीय रंगमंच से अलवर से आए विनित चौहान ने लगता है \\\"नादान पड़ोसी दोहराएगा पापों को, एक सबक सिखलाया था इनके बापों को\\\' कविता के माध्यम से बिलावल भुट्टो के कश्मीर से जुड़े ताजा बयान को नए अलंकारों में प्रस्तुति दी। जयपुर से आए संजय झाला ने सहज ओज भरे स्वरों में क्रांति का मंत्र बताया। उनकी कविता \\\"तूफान अगर जिद कर बैठे तो अड़ना बहुत जरूरी है, क्रांतिकाल में क्रांति मंत्र का पढ़ना बहुत जरूरी है\\\' बहुत सराही गई। अलीगढ़ से आए शृंगार रस के ख्यातनाम कवि डॉ. विष्णु सक्सेना ने जलन, आंधी और नफरत के प्रतीकों से भी मोम और चांद से जोड़कर प्रेम की नई कल्पनाएं गढ़ीं। उनकी रचना \\\"हर तरफ आंधियां हैं नफरतों की, मैं फिर भी दीया हूं प्यार का हिम्मत से जल रहा हूं मैं\\\' का श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। उन्होंने अपने ताजा एलबम की कुछ पंक्तियां \\\"ये आग कैसी, दिखती, पर जलाती है\\\' तथा \\\"कल मुझे राह में चांद मेरा मिला और क्या कहें हम इसे मोम समझा\\\' सुनाकर यूथ को जज्बाती कर दिया। उज्जैन से आए हास्य कवि दिनेश दिग्गज ने नई तकनीक पर कटाक्ष कर श्रोताओं को खूब ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। उनकी रचना \\\"नई उम्मीद नया चेहरा नया नाम नहीं आया, हजारों दोस्त आए थे फेसबुक पर मेरे, मगर जब काम आया तो कोई काम नहीं आया\\\' तथा \\\"क्रैडिट कार्ड की भिखारी द्वारा डिमांड\\\' को श्रोताओं ने खूब पसंद किया।
द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल 7 सैनिकों भी हुआ सम्मान
1.�\\\'नरेरी कैप्टन जोधसिंह, 2. सिपाही रोशन काठात, 3. सिपाही गोकुलराम, 4. सिपाही नथूसिंह।, 5. लांस नायक चांदखान, 6. सिपाही शैतानसिंह, 7. सिपाही मूलसिंह।
हैफा विजय दिवस पर 18 शहीदों के परिजन युद्घ में अपनी वीरता दिखाने वाले 11 सैनिकों का सम्मान किया गया।
शहीदसम्मानित हुए परिजन निवासी वीरगति को प्राप्त दिनांक
रेवतसिंहवीरचक्र