माता बच्चे की प्रथम शिक्षक : प्रजापति
श्रीसेवाराम बंसल आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय में मंगलवार को विद्या भारती जोधपुर प्रांत के पूर्व मंत्री वासुदेव प्रजापति के सान्निध्य में मातृ सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी निभाई।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता प्रजापति ने कहा कि माता बच्चे की प्रथम शिक्षक होती है। बच्चों को संस्कारित अनुशासित बनाने में माता की अहम भूमिका है। माता बालक को निरंतर मार्गदर्शन देती रहे तो वह आगे चलकर सफल जीवन-यापन करता है। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हिम्मतमल शर्मा ने कहा कि बालक के सर्वांगीण विकास में माता की अहम भूमिका होती है। कार्यक्रम को संध्या ओझा सहित अन्य महिलाओं ने भी संबोधित किया। स्कूल के प्रधानाध्यापक राजेश गहलोत ने आगंतुको का आभार प्रकट किया। इससे पूर्व अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विद्यालय की बालिकाओं ने स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर इंद्रचंद खांटेड़, किशनाराम विश्नोई, कालूराम, दीपक दवे, लक्ष्मण टांक, धीरेंद्र सिंह, विनोद वैष्णव, सुरेंद्र चौहान, नारायणसिंह, तारा गुप्ता, मनीषा आदि मौजूद थे।