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चिकित्सकोंने मृतक

7 वर्ष पहले
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सर्पदंश से ...

चिकित्सकोंने मृतक के परिजनों को गुमराह कर सुमेरपुर भेजा। चिकित्सालय के मेडिकल स्टोर कीपर के अनुसार 15 दिन पूर्व एंटी स्नेक वीनम एएसवी इंजेक्शन मुहैया कराए गए थे, लेकिन अभी मेडिकल स्टोर पर एक भी नहीं है। इसके चलते मजबूरन मरीज काे रेफर किया जाता है।

छतसे ...

पुलिसके अनुसार बलुंदा गांव पन्नाराम मेघवाल पुत्र भैराराम शुक्रवार को बर गांव में अपने बहनोई केसाराम के घर आया था। रात को खाना खाकर वह मकान की छत पर सो गया। रात में नींद की झपकी में वह छत से उतर रहा था कि संतुलन बिगड़ने
चिकित्सकोंने मृतक के परिजनों को गुमराह कर सुमेरपुर भेजा। चिकित्सालय के मेडिकल स्टोर कीपर के अनुसार 15 दिन पूर्व एंटी स्नेक वीनम एएसवी इंजेक्शन मुहैया कराए गए थे, लेकिन अभी मेडिकल स्टोर पर एक भी नहीं है। इसके चलते मजबूरन मरीज काे रेफर किया जाता है।

छतसे ...

पुलिसके अनुसार बलुंदा गांव पन्नाराम मेघवाल पुत्र भैराराम शुक्रवार को बर गांव में अपने बहनोई केसाराम के घर आया था। रात को खाना खाकर वह मकान की छत पर सो गया। रात में नींद की झपकी में वह छत से उतर रहा था कि संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया। इस हादसे में पन्नाराम की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के छोटे भाई कानाराम की रिपोर्ट पर मामले में मर्ग कायम कर शव परिजनों को सौंप दिया।

मेहंदीकटाई...

लाभकी फसल नहीं रही मेहंदी

^मेहंदी की फसल की उपज में यहां के किसान को लगभग 5000 रुपए प्रति बीघा का खर्च आता है। जबकि विक्रय मूल्य भी किसान को लगभग इतना ही मिल पाता है। इसमें मेहंदी के भीग जाने के अलावा अन्य कई प्रकार से नुकसान होने का भी खतरा बना रहता है। इसलिए यह फसल अब किसानोंं के लिए लाभ की फसल नहीं रह गई है। -किशनलाल परिहार, मेहंदी उत्पादक किसान, सोजत

मजदूरी बहुत ज्यादा है

^मेहंदी की कटाई सहित अन्य कृषि कार्यों के लिए यहां के किसान अत्यधिक मजदूरी की मार से परेशान है। इस कारण मेहंदी की उपज यहां के किसानो के लिए घाटे का सौदा साबित होती जा रही है। इसलिए इसके समाधान के लिए किसी आधुनिक मशीन की आवश्यकता है, जिससे यहां के किसानों को राहत मिल सके। -नरेंद्र टांक, मेहंदी उद्यमी, सोजत

वैज्ञानिक तरीके से हो समाधान

^पूर्व में कलेक्टर नीरज के पवन के भी समक्ष यहां के किसानों एवं व्यापारियों ने इस समस्या को रखा था, जिस पर कलेक्टर ने कृषि निदेशक अन्य विभागीय अधिकारियों को यहां लाकर समस्या से रूबरू भी कराया था। उसके बाद यहां मेहंदी कटाई की कुछ मशीनें लाकर उनका उपयोग भी किया गया, लेकिन वे यहां की फसल को पूरी तरह काटने में कामयाब नहीं हो पाई थी। इसलिए इसके लिए अन्य वैज्ञानिक तरीके से समाधान निकाला जाना चाहिए। -लक्ष्मणराम गहलोत, अध्यक्ष मेहंदी दलाल एसोसिएशन, सोजत

आसान कार्य नहीं है

^मेहंदी की फसल को काटना कोई आसान कार्य नहीं है। यह अत्यधिक मेहनत खतरे वाला काम है। इसलिए अन्य मजदूरों की अपेक्षा इस कार्य को करने की मजदूरी की