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हिन्दी भाषा भारत का मान : जोशी

7 वर्ष पहले
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आत्मा के बिना जिस प्रकार जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती, उसी प्रकार भारत की कल्पना हिन्दी बिना नहीं हो सकती। हिन्दी हमारी मातृ भाषा ही नहीं अपितु देश की मान का प्रतिक है। राष्ट्र भाषा किसी भी देश की अस्मिता से कम नहीं होती। लेकिन यह चिंता पूर्ण बात हैं कि हम हमारी मातृ भाषा से दूर होकर विदेशी भाषा को ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। हमें भारतीय होने के नाते जीवन के हर क्षेत्र में मातृ भाषा हिन्दी को प्राथमिकता देनी चाहिए। यह बात जैन गौतम आदर्श विद्या मन्दिर के संस्था प्रधान सत्यनारायण जोशी ने व्यक्त किए। हिन्दी पखवाड़े के तहत आयोजित कार्यक्रम में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें छात्रों ने रोचक पूर्ण तरीके से भाग लिया। हिन्दी शिक्षक हरगोविंद अवस्थी ने कविता के माध्यम से मातृ भाषा के गौरव को समझाया। इस अवसर पर प्रतियोगिता प्रभारी गौतमचन्द परिहार, सुरेन्द्र जांगिड़, श्रीमती कांता गहलोत, कमलेश कंवर, जीवनलाल डांगी, महेन्द्र गिरी, अक्षय जांगिड़ सहित कई शिक्षक उपस्थित थे।

भाटूंद.गांवके राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में राष्ट्रीय हिन्दी दिवस मनाया गया, जिसमें प्रधानाचार्य रामाराम गहलोत व्याख्याता भंवरलाल बोहरा एवं प्रवीण दवे ने राष्ट्रीय भाषा हिन्दी के महत्व के बारे मे बताया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में करीब 50 पौधे लगाए गए।

फालना.राजकीयमहाविद्यालय बाली में हिन्दी दिवस पर डॉ. माधोसिंह इंदा की अध्यक्षता में मनाया गया इस अवसर पर संबोधित करते हुए इंदा ने कहा कि स्वतंत्र भारत में आजादी के 67 वर्ष बाद भी भाषागत मानसिक गुलामी का दंश झेल रहा है। इस अवसर पर कविता निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें पूजा कुमारी प्रथम, हरिलाल द्वितीय जोराराम तृतीय स्थान पर रहे।

सांडेराव.भारतसरकार द्बारा आयोजित राजभाषा हिन्दी के प्रति जागरूकता लाने के चलाए जाने वाले अभियान के तहत हिन्दी सप्ताह के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैक सांडेराव कनक प्रभा बाल निकेतन माध्यमिक विद्यालय में हिन्दी के महत्ता के प्रति निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में प्रथम गजराजसिंह, द्वितीय किरण कुमारी, तृतीय राजू कुमार कुमावत रहा।

भाटूंद. हिंदीदिवस के उपलक्ष्य में पौधरोपण करते विद्यार्थी शिक्षक।