सुमेरपुर (पाली). जवाई बांध पुनर्भरण योजना में संभावनाओं को तलाशने के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित कमेटी की बैठक शुक्रवार को जवाई बांध स्थित डाक बंगले में आयोजित हुई। इस दौरान गुजरात के साबरमती बेसिन समेत आसपास के पेयजल स्रोतों से जवाई बांध तक पानी लाने के प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
बैठक में समिति के सदस्यों ने जवाई बांध के पुनर्भरण के लिए कई सुझाव दिए। इन सुझावों को कमेटी राज्य सरकार को भेजेगी, जिसका बाद में व्यावहारिक आंकलन कर सरकार कोई अंतिम निर्णय लेगी और जवाई बांध पुनर्भरण के लिए प्रोजेक्ट की घोषणा करेगी।
बैठक में जवाईबांध पुनर्भरण समिति के सदस्य जल संसाधन विभाग के एडीशनल चीफ इंजीनियर लालसिंह, सुमेरपुर विधायक मदन राठौड़, रिटायर्ड एडीशनल चीफ इंजीनियर किशोरसिंह चौधरी, एसई एसएल परमार, ईश्वरसिंह थूंबा, करणसिंह नेतरा समेत सभी सदस्य मौजूद थे।
समिति के सदस्यों ने बैठक में जवाई पुनर्भरण के लिए अपने-अपने तर्क बताते हुए प्रस्ताव बताए।
पैसों की कमी नहीं आने देंगे- राठौड़ : बैठकमें समिति के सदस्यों ने वित्तीय संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समिति को बजट की आवश्यकता है, क्योंकि सर्वे और पानी की आवक को तलाश ने के लिए संसाधनों की भी आवश्यकता रहेंगी।
सुमेरपुर विधायक राठौड़ ने कहा कि आश्वस्त किया कि राज्य सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जवाई बांध पुनर्भरण योजना के लिए प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गंभीर है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने तो इस योजना के लिए पूरे मसौदा से प्रधानमंत्री को भी अवगत करा दिया है। ऐसे में इस काम के लिए पैसों की कमी नहीं आने दी जाएगी।
साबरमती मोरस से पानी लाने का प्रस्ताव
सदस्यों ने गुजरात के साबरमती बेसिन से 4 हजार एमसीएफटी पानी को जवाई बांध में लाने का प्रस्ताव दिया। विधायक राठौड़ ने कहा कि साबरमति बेसिन का पानी लाने के लिए रास्ते में कोटड़ा के आसपास बांध बनाया जाए और वहां से टनल बना कर पानी जवाई बांध तक लाया जाए। सिरोही के मोरस बांध के ओवरफ्लो का पानी भी जवाई बांध तक लाने पर विचार-विमर्श हुआ।
सिंदरू बीसलपुर का पानी जैतारण-सोजत तक लाया जाए
बैठक में सदस्यों ने कहा कि बीसलपुर बांध का पानी ब्यावर तक पहुंचाने की योजना को सरकार स्वीकृत कर चुकी है।