सोजत में डाक्टर के 36 में से 25 पद खाली
कहीं डॉक्टर नहीं हैं, कहीं हॉस्पिटल ही \\\"बीमार\\\'
जिलेभरके अधिकतर हॉस्पिटलों के आउटडोर में मरीजों की संख्या आम दिनों के मुकाबले दोगुनी हो गई है। मरीजों का इलाज भी किया जा रहा है, लेकिन अपर्याप्त रूप से। दरअसल, करीब सभी हॉस्पिटलों में स्वीकृत पदों में से अधिकतर पद खाली हैं। कहीं कंपाउंडर के भरोसे इलाज किया जा रहा है तो कहीं दूसरे हॉस्पिटलों से कुछ दिनों के डेपुटेशन पर लगाकर इलाज की व्यवस्था की जा रही है। एक-एक हास्पिटल में एक-एक डॉक्टर हर रोज करीब दो सौ मरीजों का इलाज कर रहे हैं। कई हॉस्पिटलों में मशीनें खराब पड़ी हैं। गरीब लोगों के पास विकल्प नहीं होने पर हॉस्पिटलों में लाइन लग रही हैं।
देसूरी: बरसात के बाद दोगुने हुए ओपीडी रोगी
देसूरी|आउटडोरमें मरीजों की संख्या जहां पहले 60 से 80 थी, यह बढ़कर 160 से 180 हो गई है। अस्पताल में बुखार,सर्दी-जुकाम, दस्त, पेट दर्द , चर्म रोग सहित अन्य बीमारियों के रोगी शामिल थे। पिछले दस दिनों में यहां बुखार के 99,सर्दी -जुकाम के 237, दस्त 29, पेट दर्द के 85, चर्म रोग 99 अन्य 323 रोगियों का इलाज किया गया।
चिकित्सालयमें 10 में से 8 पद रिक्त
राजकीयसामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दस में से आठ पद रिक्त पड़े हैं। इस कारण से उपचार के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। चारभुजा-देसूरी नाल दुर्घटना जोन होने के साथ आसपास आधा दर्जन गांव और आदिवासी अंचल होने के बावजूद इस चिकित्सालय की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण मरीजों को उपचार के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं कई घायलों को यहां से रेफर कर दिया जाता है। वर्तमान में चिकित्सालय में 8 पद रिक्त है। जिसमें चिकित्सा अधिकारी सर्जन, फिजिशियन, शिशु रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक, एएनएम एवं स्वीपर के पद खाली पड़े हैं। इस संबंध में ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राजेश राठौड़ ने बताया कि देसूरी चिकित्सालय में रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। विभाग द्वारा शीघ्र ही इन रिक्त पदों को भरने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
बालीमें मौसमी बीमारियों के मरीजों की बढ़ी संख्या
बाली|कस्बेके रेफरल चिकित्सालय में मौसमी बीमारियों के रोगियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में डबल हो गई है। बारिश के बाद आए नए पानी अन्य कारणों से उल्टी -दस्त,स