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कागजों में सर्वे पूरा, फिर भी फैल रहा स्वाइन
यानी- चिकित्साविभाग की मानें तो वह जिले के हर आदमी को कवर कर चुका है।
शहरमें बुधवार को तीन और मरीजों के स्वाइन फ्लू पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। इसे मिलाकर पिछले 20 दिन में अब तक पूरे जिले में स्वाइन फ्लू से 21 लोग संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 3 की मौत हो चुकी है। दूसरी तरफ सीएमएचओ आैर बांगड़ अस्पताल प्रशासन शहर और जिले में करीब 90 फीसदी घरों में सर्वे पूरा करने का दावा कर रहे हैं। इसके बावजूद पिछले दो दिन में 9 पॉजीटिव केस मिल चुके हैं। चिकित्सा विभाग की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले में पहला मरीज 21 जनवरी को सामने आया था। उसके 20 दिन बाद गुरुवार से कंट्रोल रूम बनाया गया है।
तीननए मरीज मिले, दो बांगड़ में ही भर्ती
बुधवारको जो तीन मरीज पॉजिटिव मिले हैं उनमें दो बांगड़ अस्पताल में भर्ती हैं। हिम्मत नगर की रहने वाले 50 वर्षीय महिला और पुराने हाउसिंग बोर्ड के रहने वाले 30 साल के एक युवक के साथ ओपीडी में भर्ती हुई नया हाउसिंग बोर्ड की 32 साल की महिला की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। जिसके बाद डाॅ एचएम चौधरी, डाॅ.प्रवीण गर्ग और डॉ. दिलीप सिंह राठौड़ की देखरेख में गठित तीन टीमों ने इनके परिवार के सदस्यों और आस-पास रहने वाले लोगों की मेडिकल जांच की। बुधवार को बांगड़ अस्पताल में 235 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, इनमें 65 लोगों को टेमीफ्लू दी गई।
जिसमें से 72 लोगों में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार था जबकि 20 बड़े और 45 बच्चों को मिलाकर कुल 65 लोगों को टेमी फ्लू की दवाइयां दी गई।
जिले में 90 फीसदी सर्वे पूरा : सीएमएचओ
^हमने पूरे जिले में 90 फीसदी सर्वे पूरा कर पल्स पोलियो की तर्ज पर जांच को अब रोक दिया है। हालांकि वे लोग बाकी रह गए हैं जो कि घर पर नहीं मिले या किसी दूसरी जगह चले गए। अब हर रोज 20-20 मरीजों की जांच सर्वे के तहत ही की जा रही है। -डाॅ.मधुरतेश्वर, सीएमएचओ
स्वाब जांच की व्यवस्था : कलेक्टर
^फिलहाल कन्ट्रोल रूम बनाकर स्थिति पर निगाह रखी जा रही है। यहां भी स्वाब जांच की व्यवस्था है जबकि कई सीधे हायर सेंटर जा रहे हैं। -रोहितगुप्ता, कलेक्टर
^घर पर बोल रखा था कि मेडिकल टीम आए तो बता देना ताकि परिवार के साथ अपनी भी जांच करा सकूं, लेकिन ना तो टीमें आईं और ना ही मोहल्ले में किसी की अब तक जांच हुई। -सुरेश परमार, मारवाड़जंक्शन
^हमने सुना है कि मेडिकल टीम का सर्वे पूरा हाे गया है। हमारे इलाके में तो कोई आया ही नहीं। -सुंदरटांक, सोजत
^हम भी उम्मीद कर रहे थे कि मेडिकल टीम हमारे मोहल्ले में भी आकर जांच करेगी, जिस तरह से यह बढ़ रहा है हम घबराए हुए हैं। -जसवंतसिंह उदावत, निवासीखिंवाड़ा
^हमारे क्षेत्र में 30 हजार से भी अधिक लोग रहते हैं लेकिन अाधे से ज्यादा घरों में जांच के लिए टीमें आई ही नहीं। जहां आई वहां के लोग बता रहे हैं कि जांच के नाम पर गंभीरता नहीं बरती गई -मूलसिंहभाटी, डिप्टी चेयरमैन, नगर परिषद
शहर में डिप्टी चेयरमैन के वार्ड तक में नहीं हुआ सर्वे
भास्करटीम ने शहर के जंगीवाड़ा, गजानन मार्ग, जालोरी दरवाजा, गुलजार चौक, मिलगेट, लेबर काॅलोनी, सुभाष नगर- और सरदार समंद रोड के गुरु नगर आदि इलाकों में घर-घर जाकर लोगों से पूछा। इन लोगों का कहना था कोई मेडिकल सर्वे टीम नहीं पहुंची। डिप्टी चेयरमैन मूलसिंह भाटी के हिम्मत नगर और मिल क्षेत्र में भी टीम नहीं पहुंची। भाटी का कहना है उनके वार्ड के कई इलाकों में भी मेडिकल टीम का सर्वे नहीं हुआ जबकि सरकारी रिपोर्ट में इसका उल्लेख कर दिया गया है। इसे लेकर वे सीएमएचओ और पीएमओ को पत्र भी लिखने वाले हैं।
94 टीमों ने साढ़े तेरह हजार घर का सर्वे किया?
यहशहर की रिपोर्ट है। इसके अनुसार 6 फरवरी को 94 टीमों ने शहर के 13 हजार 537 घरों का सर्वे कर 73 हजार 166 लोगों को चैक किया। यानी प्रत्येक टीम ने करीब 144 घरों में जांच की। जो संभव नहीं लगता। जबकि शुरुआती दिनों में इन्हीं टीमों का प्रतिदिन औसत 50 से 60 घर रहा है।
3 लाख तो प्रवासी हैं इनमें
जिलेकी इस आबादी में करीब 3 लाख से ज्यादा अपने व्यवसाय के कारणों से प्रवासी हैं। सिर्फ उनके नाम यहां दर्ज हैं। यह बात जिला प्रशासन भी स्वीकार करता है।
शहर में
करीब3 लाख है अभी (2011 में 2 लाख 30 हजार थी)
जिले में
करीबसाढ़े 21 लाख आबादी है अभी (2011 की जनगणना में 20 लाख 38 हजार थी)
21 में से 15 मरीज गांवों के, फिर कहां हुआ सर्वे
चौंकानेवाली बात है कि अब तक 21 पॉजिटिव मरीजों में से 14 जैतारण, मारवाड़ जंक्शन, रायपुर, रोहट, सोजत और देसूरी के हैं। भास्कर ने रोहट, सोजत, रायपुर, जैतारण, रानी, बाली, फालना, देसूरी, सादड़ी, मारवाड़ जंक्शन के गांवों में अपने संवाददाताओं को घर-घर भेजा। इन उपखंडों के सभी गांवों के भी सर्वे की सीएमएचओ दावा कर रही हैं। यहां कई पूरे के पूरे मोहल्ले ऐसे हैं जहां टीम तो दूर कोई चिकित्साकर्मी भी नहीं पहुंचा।
जहांसर्वे के दावे, वहीं से मिल रहे नए मरीज
गुरुवारको हाउसिंग बोर्ड और हिम्मत नगर से केस सामने आए। ऐसा तो है नहीं कि एक दिन में ये संक्रमित हो गए। बीते 5-7 दिन में ही सर्वे हुआ। इस दौरान इनमें प्रारंभिक लक्षण भी दिखे होंगे। यही हाल गांवों का है। बुधवार को 6 पॉजीटिव आए केस, जैतारण, रोहट, रायपुर देसूरी के थे।
शहर और जिले में पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर घर-घर सर्वे किया, 1550 से ज्यादा टीमें 90 फीसदी घरों तक पहुंची, करीब 19 लाख लोगों को कवर किया
सच्चाई यह कि : जहांस्वाइन संक्रमण का मरीज मिलता है, वहीं होता है सर्वे, हाउसिंग बोर्ड में सर्वे करने पहुंचे चिकित्साकर्मी।
स्वाइन फ्लू संक्रमण को लेकर चिकित्सा विभाग घर-घर सर्वे कर रहा है, मगर अस्पताल में भीड़ यह दावा झुठला रही है। के मामलों के बाद जांच के लिए बांगड़अस्पताल मेंं ओपीडी मरीजों के रजिस्ट्रेशन के लिए मरीजों की लगी लंबी कतार।