पाली। जिला प्रमुख जिले की सभी 10 पंचायत समितियों में प्रधान पद के चुनाव में अपनी एकता से कांग्रेस को चारों खाने चित करने वाली भाजपा की एकता रविवार को उप प्रधान के चुनाव में तार-तार हो गई।
रायपुर में पार्टी के जिला उपाध्यक्ष श्रीकिशन पालीवाल ही बागी बनकर चुनाव लड़ बैठे तो रोहट में बागी चुनाव जीत गया। रायपुर में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जिला उपाध्यक्ष के चुनाव लड़ने पर पंचायतीराज मंत्री सुरेंद्र गोयल ने सोजत विधायक संजना आगरी को जिम्मेदार ठहराया है।
जिलाध्यक्ष मदन राठौड़ को उन्होंने इस मामले में साेजत विधायक को नोटिस देने तथा बागी चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को पार्टी से बर्खास्त करने के लिए कहा है। राठौड़ ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने रायपुर रोहट हुई बगावत मामले की रिपोर्ट मांगी है। रविवार को हुए उप जिला प्रमुख उप प्रधान चुनाव में हालांकि सभी जगह भाजपा के ही प्रत्याशी जीते हैं। सैद्धांतिक तौर पर रोहट का उप प्रधान निर्दलीय कहलाएगा। जिले में रविवार को हुए उप प्रधानों के चुनाव में भाजपा में टिकट को लेकर असंतोष चरम पर रहा। भाजपा ने उप प्रधान के लिए उम्मीदवार तय करने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय विधायकों को सौंप दी थी। इनको सिंबल भी शनिवार देर शाम को भी भिजवा दिए थे। वहीं कांग्रेस के पास किसी भी पंचायत समिति में बहुमत नहीं मिलने तथा टिकट के लिए कहीं पर झगड़ा नहीं दिखने जिलाध्यक्ष अजीज दर्द ने अपने स्तर पर ही क्षेत्रीय पदाधिकारियों को बुलाकर उनको सिंबल दे दिए। रोहट में भाजपा का झगड़ा सड़क पर नजर आया। यहां तक कि वहां पहुंचे विधायक ज्ञानचंद पारख, नगरपरिषद चेयरमैन महेंद्र बोहरा को भी नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्यों को विरोध झेलना पड़ा। बगावत पर उतरे सदस्यों की समझाइश के प्रयास किए गए, लेकिन वे अपनी बात पर अड़े रहे। इस पर विधायक पारख वहां से नाराज होकर चले गए।
रोहट में बागी उपप्रधान बनने में कामयाब
भाजपाने रोहट में प्रधान सामान्य वर्ग का होने के कारण वहां पर रोहट से पूर्व ठाकुर स्व. मानवेंद्रसिंह की पुत्रवधु रश्मिसिंह को प्रधान बनाया था। भाजपा क्षेत्र में बड़े वोट बैंक पटेल समाज से उप प्रधान बनाना चाह रही थी। इसके चलते पहले ज्योति पटेल को टिकट देने की तैयारी हुई। ज्योति ने अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया, मगर बाद में विधायक ज्ञानचंद पारख के पहुंचने के बाद टिकट का सिंबल सरिता पटेल के नाम का जमा करा दिया इस पद के लिए जयसिंह देवाण ने अपनी दावेदारी रखी, मगर उनको टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय ताल ठोंक दी। देवाण को समझाइश के काफी प्रयास हुए, मगर वे नहीं माने। समझाइश के दौरान चेयरमैन महेंद्र बोहरा के साथ देवाण के समर्थकों की कहासुनी भी हुई। इसके बाद विधायक बोहरा वहां से नाराज होकर पाली गए। चुनाव में देवाण ने 10 वोट लेकर उप प्रधान पर जीत हासिल की। भाजपा की सरिता को 3 तथा कांग्रेस के अशोकगिरी को 2 वोट ही मिले। यहां भाजपा के 12, कांग्रेस के 2 तथा 1 निर्दलीय प्रत्याशी सदस्य निर्वाचित हुआ था।
^ उप प्रधान के लिए पहले ही संगठन नेताओं के समक्ष तय हो गया था कि सोजत के 8 सदस्य होने के कारण उप प्रधान रायपुर क्षेत्र का बनाया जाएगा। इसके चलते पंचायतीराज मंत्री के कहने पर सोजत के सदस्यों ने पूरे अनुशासन के साथ भाजपा के पक्ष में साथ दिया। वादाखिलाफी तो मंत्री ने की है। उन्होंने सोजत क्षेत्र के 8 सदस्यों के साथ विश्वासघात करते हुए अन्य को टिकट दे दिया। इसके चलते में अन्याय के खिलाफ खड़ा हुआ। हार का मुझे कोई गम नहीं है, मगर कार्यकर्ता के साथ अन्याय करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। -श्रीकिशन पालीवाल, जिला उपाध्यक्ष भाजपा
^ बगावत करने के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। जिसने भी बगावत की है, उसके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार संगठन के पास है। मेरे पास जिलाध्यक्ष का फोन आया था। मैं तो दिनभर सोजत में उप प्रधान के चुनाव में व्यस्त थी। मुझे रायपुर में हुए घटनाक्रम का कोई पता नहीं है। -संजना आगरी, विधायक, सोजत
^जिले के चुनाव प्रभारी पंचायतीराज मंत्री सुरेंद्र गोयल ने मुझे फोन कर रायपुर में हुई बगावत के बारे में पूरी जानकारी दी है। गोयल ने सोजत विधायक को नोटिस जारी कर कार्रवाई करने तथा बगावत करने वाले उप प्रधान के उम्मीदवार को पार्टी से बर्खास्त करने के लिए कहा है। उन्होंने पूरी रिपोर्ट लिखित में मांगी है। इसी प्रकार रोहट में हुई बगावत के लिए विधायक ज्ञानचंद पारख से रिपोर्ट देने को कहा गया है। पार्टी में अनुशासन भंग करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा। -मदन राठौड़, भाजपा जिलाध्यक्ष विधायक
रायपुर में बगावत को नहीं मिला साथ
जैतारणसोजत विधानसभा क्षेत्र में बंटी रायपुर पंचायत समिति में सोजत इलाके के 8 सदस्यों ने जैतारण विधायक पंचायतीराज मंत्री सुरेंद्र गोयल के आग्रह पर प्रधान शोभा चौहान को वोट डाले थे। उप प्रधान सोजत क्षेत्र का बनाने की बात थी। इसको लेकर जिला उपाध्यक्ष श्रीकिशन पालीवाल गोयल के बीच तकरार भी हुई। टिकट नहीं देने पर भाजपा के जिला उपाध्यक्ष पंचायत समिति सदस्य श्रीकिशन पालीवाल ने बगावत कर दी। वे चुनाव हार गए। उप प्रधान पद पर भाजपा के देवीसिंह चौहान 14 मत लेकर विजयी रहे। पालीवाल को मात्र 7 मत ही मिले। पालीवाल का कहना है कि उनका टिकट फाइनल होने के बाद भी गोयल ने मनमानी की। इसके चलते उन्होंने चुनाव लड़ा।
गाेयलने जिलाध्यक्ष को दिए कार्रवाई के निर्देश
उपप्रधान चुनाव को लेकर रायपुर में हुई बगावत को लेकर जिले के चुनाव प्रभारी पंचायतीराज मंत्री सुरेंद्र गोयल ने सोजत विधायक संजना आगरी की शह करार दिया है। इस बारे में उन्होंने जिलाध्यक्ष सुमेरपुर विधायक मदन राठौड़ से बात कर आगरी को नोटिस देकर कार्रवाई करने तथा उप प्रधान का चुनाव लड़ने वाले श्रीकिशन पालीवाल को पार्टी से बर्खास्त करने के लिए कहा है।
पंचायतीराज मंत्री के क्षेत्र में क्रॉस वोटिंग
जैतारणमें उप प्रधान के चुनाव में टिकट वितरण की नाराजगी दो सदस्यों के क्रॉस वोटिंग के रूप में देखने को मिली। उप प्रधान पद के लिए भाजपा की रेखा कुमावत को 13, कांग्रेस के संग्रामसिंह को 10 वोट मिले। पंचायत समिति में कुल 23 सदस्यों में 13 बीजेपी, 8 कांग्रेस तथा 2 निर्दलीय चुनाव जीते हैं। प्रधान पद के चुनाव में कांग्रेस को अपने 8 सदस्यों के ही मत मिले थे। शेष 15 मत भाजपा के खाते में गए थे। भाजपा नेताओं का कहना है कि उनके सदस्यों की तरफ से क्रॉस वोटिंग नहीं हुई, जबकि कांग्रेस नेताओं का दावा है कि उनको भाजपा के दो सदस्यों ने वोट दिए।
जिला प्रमुख और प्रधान के बाद रविवार को उप जिला प्रमुख और उप प्रधान का पद भी बीजेपी के खाते में गया। जिला प्रमुख की तरह उप जिला प्रमुख पद पर बीजेपी के नवलकिशोर रावल निर्विरोध निर्वाचित हुए, जबकि बीजेपी के ही नरेंद्रसिंह मोंटू उप प्रधान चुने गए। इधर, जिले की दस पंचायत समितियों में से नौ स्थानों पर भाजपा के उपप्रधान चुने गए, जबकि रोहट में निर्दलीय को उपप्रधान की कुर्सी मिली है। जिले की सुमेरपुर, बाली, मारवाड़ जंक्शन देसूरी में उपप्रधान का निर्वाचन निर्विरोध हुआ।
रोहट में भाजपा का बागी बना उप प्रधान, निर्वाचित सदस्यों ने टिकट वितरण पर विधायक के खिलाफ जताया असंतोष और बागी को जितवा दिया, जैतारण में कांग्रेस के पक्ष में बढ़े दो वोट, रायपुर में भी बगावत, फिर भी सभी 10 पंचायत समिति में भाजपा के ही उप प्रधान, रायपुर में उप प्रधान के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्री किशन पालीवाल के चुनाव लड़ने पर पंचायतीराज मंत्री गोयल ने सोजत विधायक को जिम्मेदार ठहराया, कार्रवाई की मांग
किशोरसिंह राजपुरोहित, भंवरलाल मेघवाल, देवीसिंह चौहान, जयसिंह देवाण, राकेश कुमार दवे, खीमाराम चौधरी, ममता कंवर राजपुरोहित, करणसिंह नेतरा, रेखा कुमावत, नरेंद्रसिंह हेमावास।