पाली जिले में ये भी बने प्रधान
क्षेत्रकी 21 में से 21 सीटें जीतने के बाद से ही तय हो गया था कि कांग्रेस यहां से अपना कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं करेगी। इसके चलते भाजपा का प्रधान निर्विरोध बना
रश्मिसिंह
भाजपाके 15 में से 12 सदस्य होने के चलते उनका प्रधान बनना तय था, कांग्रेस ने उम्मीदवार ही खड़ा नहीं किया। इसके चलते वे निर्विरोध निर्वाचित हो गई।
गिरिजा कंवर राठौड़
यहांपर कांग्रेस को उलटफेर की उम्मीद थी। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। भाजपा नेताओं की अचूक रणनीति पूरी तरह से कारगर रही और भाजपा ने 7 मतों से प्रधान पद हासिल किया
नौरतन चौधरी
भाजपाके पास 15 में 12 सदस्य थे। यहां पर कांग्रेस ने उम्मीदवार तो मैदान में उतारा, लेकिन एक वोट क्रॉस होने के कारण नौरतन को 13 वोट मिले।
सुमेरसिंह कुंपावत
मारवाड़जंक्शन में कांग्रेस के पास उम्मीदवारी जताने लायक बहुमत ही नहीं था। इसके चलते कुंपावत ने ही नामांकन भरा और वे निर्विरोध प्रधान बन गए।
श्रवण बंजारा, भाजपा
भाजपाके पास बहुमत तो था। साथ ही कांग्रेस में आपसी फूट का भी लाभ मिला। दो सदस्यों के नहीं पहुंचने से उनकी जीत का आंकड़ा बढ़ गया।