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भाजपा का जिला प्रमुख निर्विरोध चुनना तय

{33 में से सिर्फ 1 सीट पर जीती कांग्रेस, वह भी सामान्य वर्ग का { प्रमुख की सीट रिजर्व है ओबीसी के लिए भास्करन्यूज...

Dainik Bhaskar

Feb 07, 2015, 05:40 AM IST
भाजपा का जिला प्रमुख निर्विरोध चुनना तय
पाली। जिलापरिषद जिले सभी पंचायत समितियों में बहुमत हासिल करने के बाद जिला प्रमुख सभी 10 प्रधान भाजपा के ही बनने की पूरी उम्मीद है। बशर्ते कि दावेदारों में बगावत नहीं हो। जिला परिषद में 33 में से 32 सीटों पर जीत के बाद भाजपा का जिला प्रमुख निर्विरोध ही चुना जाना तय है।

कांग्रेस से चुनाव जीते एक मात्र सदस्य के सामान्य वर्ग से होने तथा उम्मीदवारी करने के लिए कोई प्रस्तावक ही नहीं होेने के कारण कांग्रेस की दावेदारी भी समाप्त हो गई है। भाजपा नेताओंं ने शुक्रवार को जिला प्रमुख प्रधान पद के दावेदारों के नाम लगभग तय कर लिए।
जिला प्रमुख के लिए उम्मीदवारी तय करने की जिम्मेदारी जिलाध्यक्ष मदन राठौड़ पर छोड़कर 4 दिन से अलग-अलग स्थानों पर सैर-सपाटे पर घूम रहे भाजपा के सदस्यों को शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचने की हिदायत के साथ घर भेज दिया है।
प्रधान के उम्मीदवार संबंधित विधायक पंचायत समितियों के सदस्यों के बहुमत के आधार पर एनवक्त पर ही तय करेंगे। इधर, कांग्रेस भी मारवाड़ जंक्शन के अलावा अन्य 9 पंचायत समितियों में प्रधान पद के लिए अपने उम्मीदवार तय करने की मशक्कत देर रात तक करते रहे।

पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में भाजपा को जिला परिषद पंचायत समितियों में बहुमत मिलने के बाद से भाजपा के नेता शुक्रवार रात से ही जिला प्रमुख तथा पंचायत समितियों में प्रधान बनाने की रणनीति बनानी शुरू कर दी थी। शनिवार को डिस्ट्रिक्ट क्लब परिसर में भाजपा नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया।
यहां पर बंद कमरे में क्षेत्रीय विधायकों के साथ पाली के चुनाव प्रभारी मेघराज लोहिया तथा पूर्व मंत्री अचलाराम मेघवाल ने जिला प्रमुख प्रधान पद के दावेदारों के नाम पर चर्चा की। इस दौरान पंचायतीराज मंत्री सुरेंद्र गोयल, सुमेरपुर विधायक भाजपा जिलाध्यक्ष मदन राठौड़, पाली विधायक ज्ञानचंद पारख, मारवाड़ जंक्शन विधायक केसाराम चौधरी समेत अन्य नेता भी मौजूद थे।

पैनल में तीन नाम, मल्लाराम खीमाराम के बीच मशक्कत

जिलाप्रमुख पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होने के चलते इस बार सीरवी समाज से तीन नेताओं की दावेदारी है। पैनल में भी इन तीनों मल्लाराम सीरवी, खीमाराम चौधरी तथा प्रेमाराम चौधरी के नाम ही भेजे गए हैं।
मल्लाराम को पंचायतीराज मंत्री सुरेंद्र गोयल का समर्थन प्राप्त है। वहीं भाजपा विधायकों का एक खेमा खीमाराम की पैरवी कर रहा है। दोनों देर रात तक जयपुर दिल्ली के बड़े नेताओं के संपर्क में थे।

भाजपा ने 10 पंचायत समितियों में अपने प्रधान पद के उम्मीदवार लगभग तय कर दिए हैं। वहीं मारवाड़ जंक्शन पंचायत समिति को छोड़कर शेष 9 पंचायत समितियों में कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी की है। शुक्रवार रात एक होटल में बैठकर प्रधान पद के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीज दर्द ने कई नेताओं से चर्चा की।
भाजपा की तरफ से रोहट में संभवत: रश्मिसिंह रोहट, पाली में श्रवण बंजारा, मारवाड़ जंक्शन में सुमेरसिंह कुंपावत, रानी में नौरतन चौधरी, बाली में कपूराराम मेघवाल, रायपुर में शोभा चौहान, सोजत में गिरिजा के नाम पर मोहर लगा दी गई है। जैतारण, देसूरी तथा सुमेरपुर में दावेदारों की संख्या ज्यादा होने के कारण ऐनवक्त पर ही भाजपा उम्मीदवारी का नामांकन दाखिल करवाएगी।

गोयल, राणावत राठौड़ ने तय किए 3 नाम, जयपुर भेजे

करीब तीन घंटे तक डिस्ट्रिक्ट क्लब में हुई बैठक में प्रदेश प्रभारी मेघराज लोहिया ने सभी विधायकों को अलग से बुलाकर प्रधान जिला प्रमुख पद को लेकर राय ली। प्रधान पद के लिए उम्मीदवारी तय करने की जिम्मेदारी संबंधित विधायकों को सौंप दी गई। साथ ही जिला परिषद सदस्यों को भी बुलाकर उनसे भी दावेदारी के बारे में पूछा गया।
यहां पंचायतीराज मंत्री सुरेंद्र गोयल भी मौजूद थे। दोपहर बाद तीन नामों का पैनल बनाकर जयपुर भेजा गया। इनमें से एक नाम तय होगा।

अन्य नाम पर भी दांव की संभावना

जिले में सीरवी समाज काफी बड़ा होने के साथ ही ओबीसी वर्ग में सबसे ज्यादा सीरवी समाज के ही मतदाता है। इसके चलते भाजपा नेताओं का प्रयास है कि इसी वर्ग को मौका मिले। मगर सांसद पीपी चौधरी के सीरवी हैं। ऐसे में ओबीसी के अन्य समाज को मौका दे सकते हैं। तीनों नामों में सहमति नहीं होने की स्थिति में घांची समाज से भाग्यश्री का नाम भी आगे बढ़ाया है।

विदाई: विकास के लिए हर संभव कार्य किए, आत्मसंतुष्टि है मुझे

22फरवरी को कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही नए वित्तीय अधिकार निबंध राशि मद सृजित कराया गया जिससे ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद में विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि प्राप्त हो सकी। प्रमुखों एवं सभी प्रधानों को एकसाथ गाड़ी भी मिली। लंबे समयांतराल बाद पहली बार वार्ड पंच के भत्ते में बढ़ोत्तरी की कोशिश और जिला परिषद आपके द्वार कार्यक्रम चलाया।
अधिकारियों के सहयोग से पंचायत मुख्यालय पर ही समस्याओं का निस्तारण किया गया। जिला परिषद का नया भवन भी वर्तमान बोर्ड की ही देन है, लेकिन सरपंच, पंचायत समिति, और जिला परिषद के सदस्यों का मानदेय नहीं बढ़वा पाया, अटल सेवा केन्द्रों का सही संचालन, ग्राम पंचायतों में सचिव, सहायक सचिव और कम्प्यूटर के रिक्त पदों पर नियुक्ति के प्रयास पूरे नहीं हो पाए। -खुशवीरसिंह जोजावर, जिला प्रमुख

नाम पद कब से कब तक

हरिशचंद्रमाथुर जिला प्रमुख 1961 4-1-62
शंकरलाल - जिला प्रमुख 5-1-62 26-2-62
फूलचंद बाफना जिला प्रमुख 27-2-62 28-2-65
सज्जन सिंह जिला प्रमुख 1-3-65 31-8-77
प्रियदर्शी ठाकुर प्रशासक 31-8-77 30-4-78
गजेंद्र हल्दिया प्रशासक 25-5-78 11-7-79
आनंद प्रसाद सक्सेना प्रशासक 12-7-79 17-2-81
के.एल.मीणा प्रशासक 18-2-81 11-1-82
सी.धर्मीचंद जैन जिला प्रमुख 11-1-82 4-8-91
तपेश पंवार प्रशासक 4-8-91 9-5-92
श्रीमत पांडेय प्रशासक 9-5-92 9-9-94
मुकेश शर्मा प्रशासक 9-9-94 14-2-95
सुशील कुमारी जिला प्रमुख 14-2-95 12-2-2000
चतराराम सीरवी जिला प्रमुख 13-2-2000 11-2-05
ममता मेघवाल जिला प्रमुख 11-2-5 9-2-10
खुशवीर सिंह जोजावर जिला प्रमुख 22-2-10 से आज तक

यह रहेगा जिला प्रमुख प्रधान का चुनाव कार्यक्रम

बैठक शुरू- 10 बजे
नाम निदेशन पत्र जमा- 11 बजे तक
नामांकन पत्रों की जांच- 11.30 बजे
नाम वापसी-1 बजे तक
चुनाव चिन्ह का आवंटन- 1.10 बजे
मतदान- 3 से 5 बजे तक (जरूरी होने पर )
परिणाम- मतदान के तत्काल बाद

पंचायतीराज चुनाव-2015 के तहत शनिवार को पाली का 10वां जिला प्रमुख चुना जाएगा। जिला परिषद के 33 निर्वाचित सदस्य नए जिला प्रमुख का चयन करेंगे। नवनिर्वाचित सदस्यों ने शुक्रवार को कलेक्टर रोहित गुप्ता के समक्ष पद की शपथ लेकर अपने निर्वाचन प्रमाण पत्र ले लिए हैं। कलेक्टर रोहित गुप्ता और सीईओ के समक्ष जिला प्रमुख के चुनाव की सारी प्रक्रिया पूरी होगी।

इस थैले में रुपए नहीं भाजपा प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी के दौरान जब्त किए गए मोबाइल हैं। शुक्रवार को प्रत्याशियों को घर भेजते समय उन्हें वापस लौटाए गए।

भाजपा ने भीतरघात तथा क्राॅस वोटिंग के अंदेशे के चलते तीसरे चरण का मतदान पूरा होते ही जिला परिषद के चुनाव में खड़े सभी सदस्यों को एक स्थान पर बुला लिया था। इसके बाद इन सभी सदस्यों को देवदर्शन के बहाने राज्य में कई स्थानों पर ले जाया गया। प्रशिक्षण शिविर के बहाने की गई बाड़ाबंदी के चलते ही एक-दो को छोड़कर कोई भी उम्मीदवार गुरुवार को हुई मतगणना के दौरान भी नजर नहीं आया था।
यहां तक कि इनके मोबाइल भी स्विच ऑफ कर एक बैग में रखवा दिए थे। गुरुवार रात को मतगणना के परिणाम आने के बाद इन सदस्यों को बस में बिठाकर डिस्ट्रिक्ट क्लब लाया गया। यहां पर जिले के आला नेताओं ने चर्चा कर इनको वापस घर भेज दिया। इन सबको शनिवार सुबह 10 बजे बुलाया गया है।
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