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स्वच्छता अभियान को लेकर गंभीर नहीं सोजतरोड ग्राम पंचायत
एक तरफ पूरे राष्ट्र में स्वच्छता को लेकर जोर शोर से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा हैं, वहीं इसके उलट कस्बे में सफाई व्यवस्था बूरी तरह चरमराई हुई हैं। गली मोहल्लों सहित मुख्य बाजार में हर जगह गंदगी पसरी हुई है। सफाई कर्मचारी बाजारों में नालियों से गंदगी कीचड़ निकाल कर मार्ग में ही छोड़ रहे हैं। जिसको उठाने के पुख्ता इंतजाम होने के कारण पूरे दिन नागरिक तेज बदबू के बीच ही रहने को मजबूर है। कभी-कभी तो यह कीचड़ सड़कों पर भी फैल जाता है। कस्बे के मुख्य बाजार, सुभाष मार्ग, तिलक मार्ग, फुलाद मार्ग सहित गली मोहल्लों में नालियां भी कीचड़ से अटी पड़ी है।
मॉनिटरिंगका अभाव : कस्बेमें सफाई कर्मचारियों के काम काज पर मॉनिटरिंग के अभाव में सफाई व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना हैं कि कई सफाई कर्मचारी नियमित सफाई के लिए नहीं आते, जिससे गंदगी जमा हो जाती हैं। मुख्य बाजार सहित गली मोहल्लों में यदा कदा ही सफाई कर्मचारी नजर आते हैं। सफाई कर्मचारियों द्वारा एकत्रित कचरे को ले जाकर बाहर डालने के भी पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
प्रतिमाह 50 हजार का भुगतान, फिर भी सफाई व्यवस्था चौपट
ग्रामपंचायत के अधीन कस्बे में स्थाई अस्थाई करीब 26 सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं। जिन्हें प्रतिमाह करीब पचास हजार रुपये के वेतन का भुगतान ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता हैं। सफाई कर्मचारियों द्वारा एकत्रित कचरे को कस्बे के बाहर ले जाकर डालने के लिए बाकायदा एक ट्रैक्टर की व्यवस्था ग्राम पंचायत ने कर रखी हैं। जिसके लिए अलग से प्रतिमाह साढ़े सात हजार रुपये का भुगतान किया जाता हैं। बावजूद इसके कर्मचारी कस्बे की गंदगी को बाहर ले जाने की बजाय कस्बे में ही डाल देते है, जिससे सफाई व्यवस्था चौपट हो रखी हैं।
सोजतरोड. कस्बे के तिलक मार्ग पर फैली गंदगी। फोटो|भास्कर