पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • जलयात्रा वरघोड़े का स्वागत करने उमड़ा जनसैलाब

जलयात्रा वरघोड़े का स्वागत करने उमड़ा जनसैलाब

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मुनिचिरन्तनर| विजय की निश्रा में बुधवार को सोजतिया बास स्थित अष्टान्हिका महोत्सव आयोजक मोतीलाल कटारिया के निवास स्थान से जलयात्रा वरघोड़ा निकाला गया। वरघोड़ा का शहर में जगह-जगह स्वागत किया गया। अभय मेहता ने बताया कि वरघोड़ा शहर के प्रमुख मार्गो से होता हुआ लोढ़ा बास स्थित खरतरगच्छ जैन उपाश्रय पहुंचा।

उपाश्रय में मुनि चिरन्तनर| विजय ने अपने मांगलिक प्रवचन में परमात्म भक्ति के बारे में महापुरुषों की पंक्ति ’भक्ति कर तो ऐसी कर कि जिससे प्रभु रिझाव, तू क्या रिझावे प्रभु स्वयं तेरे पास चलकर आवे’ का विवेचन करते हुए कहा कि परमात्मा की स्तवना से हमारे इच्छित कार्य पूर्ण होते है। मुनिश्री ने कहा कि संसार में सर्वत्र, आधि, व्याधि उपाधि के चलते हमारे जीवन मे शांति का अभाव हैं, ज्ञानियों ने एकाकार होकर शांति प्राप्त करने के मात्र दो स्थान मन्दिर तथा उपाश्रय बताए हैं। उन्होंने कहा कि हम मंदिर में द्रव्य पूजा तो करते हैं, लेकिन भाव पूजा (चैत्य स्तवना) नहीं करते है। महापुरुषों ने द्रव्य पूजा से ज्यादा भाव पूजा को आनंददायी तथा अनंतगुणा कर्म निर्जरा का एकमात्र साधन बताया है। इस अवसर पर साध्वी प्रियवृन्दाश्री, विनीतयशाश्री, विरागरेखाश्री, आगमरसाश्री, तथा शुद्धाजना श्री समेत समाज के भंवरलाल कटारिया, घीसूलाल लोढा, जवरीलाल,भंवरलाल लोढा, जगदीश भंसाली, रमेश संखलेचा, नेमीचंद मेहता, प्रेम धारीवाल, मोतीमल बलाई, हुक्मीचंद रेड, नरेन्द्र किंकर, बाबूलाल सिंघवी आदि उपस्थित थे। दोपहर में विधिकारक विरलभाई द्वारा पाटला पूजन का विधान सम्पन्न कराया गया। गुरुवार को अंतिम दिन इसी प्रांगण में विजय मुहूर्त में श्री शांति स्नात्र महापूजन होगा।

> पाली. जैन समाज की ओर से निकाला गया वरघोड़ा।