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सोजत में बनेगी नई हवाई पट्टी, 2.88 करोड़ रुपए का टेंडर जारी

5 वर्ष पहले
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मेहंदी नगरी सोजत में हवाई पट्टी के लिए 2 करोड़ 88 लाख रुपए का टेंडर जोधपुर के सार्वजनिक निर्माण विभाग ने एचजी इंफ्रा को जारी कर दिया है। टेंडर की कॉपी मिलते ही इसी महीने से काम शुरू हो जाएगा।

गौरतलब है कि मेहंदी नगरी सोजत से निकट भविष्य में अंतरराज्यीय कॉमर्शियल उड़ानें शुरू करने की तैयारियाें के तहत राज्य सरकार ने इसकी सुरक्षा विस्तार के लिए फिलहाल 2 करोड़ 88 लाख रुपए का बजट जारी किया है, लेकिन उसकी मंशा इसे छोटे एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की है। पाली पड़ोसी जिलों से बड़ी संख्या में दक्षिण भारतीय राज्यों में प्रवासी मारवाड़ियों की संख्या, जिले से गुजर रहे डीएमआईसी कॉरिडोर भविष्य में औद्योगिक निवेश की तैयारियों के तहत राज्य सरकार ने सोजत हवाई पट्टी के विस्तार का प्लान तैयार किया है।

शेष|पेज17



इन्हींसंभावनाओं के दिसंबर के पहले सप्ताह में राज्य के चीफ पायलट ऑफिसर उड्डयन विभाग के निदेशक केसरीसिंह अधिकारियों के साथ स्टेट चार्टर प्लेन से सोजत पहुंचे। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए तथा हवाई पट्टी की लंबाई बढ़ाने के साथ छोटा टर्मिनल बनाने के प्रस्ताव भी मांग लिए।

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इसबीच राजस्थान के नागरिक उड्डयन विभाग ने सोजत शहर को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए 6 नवंबर 15 को एयर स्ट्रीप के सुदृढ़ीकरण के लिए 288.06 लाख रुपए की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी की थी। विभाग के एक्सईएन पंकज शर्मा ने बताया कि टेंडर की हार्ड कॉपी मिलते ही संवेदक को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।

निरीक्षणके बाद उड्डयन विभाग ने रखी थी यह 5 शर्तें

दिसंबरमें चीफ पायलट सिंह ने पीडब्लूडी के इंजीनियरों द्वारा तैयार हवाई पट्टी के फोल्डर को चैक किया। इस दौरान उन्होंने 5 शर्तें फोल्डर में लिखी थी-

- हवाई पट्टी का रन वे कम से कम 500 से 600 मीटर और बढ़ाना जरूरी है। फिलहाल, इसके डामरीकरण के बाद 10 सीटर विमान आसानी से उतर सकता है , लेकिन सरकार की मंशा है कि राज्य की प्रत्येक हवाई पट्टी पर कम से कम 50 सीट वाले जेट इंजन युक्त विमान उतरे। इसके लिए रन वे की लंबाई 1850 मीटर होना जरूरी है।

- हवाई पट्टी की चारदीवारी मजबूत हो, नियमित रूप से पुलिस गार्ड के इंतजाम हों।

- रन वे की चौड़ाई 30 मीटर है जो 45 मीटर तक की जा सकती है।

- हवाई पट्टी के मुख्य दरवाजे के बाहर से गुजर रही बिजली लाइनों सभी खंभों को हटाया जाए। यहां पर एक बड़ा वीआईपी लॉन्ज एक बड़ा वीआईपी रूम भी होना चाहिए।

- विमानों की पार्किंग के लिए 60 गुणा 180 के हैंगर भी होने चाहिए। साथ ही दोनों ओर जो हेलिपेड बने हैं वे भी आधुनिक तरीके से बनने चाहिए।

4 दिसंबर को प्रकाशित समाचार।

2. 88 करोड़ रुपए से होंगे ये कार्य

हमारी कोशिश रहेगी की निर्धारित 6 माह के भीतर समय में कार्य पूरा करवा दिया जाए। -नंदकिशोरराजौरा, एसडीएम, सोजत

128 बीघा में फैली है सोजत हवाई पट्टी

वर्तमानमें सोजत हवाई पट्टी करीब 128 बीघा क्षेत्र में फैली हुई है, जिसके चारों ओर पक्की दीवार बनाई हुई है। हालांकि असामाजिक तत्वों ने वर्तमान में इस सुरक्षा दीवार को तोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया है। यहां पर रनवे की लंबाई 1170 मीटर तथा चौड़ाई 30 मीटर है। विभागीय मानदंडों के अनुसार बड़े विमानों के लिए कम से कम 1800 मीटर लंबा 30 मीटर चौड़ा रनवे होना चाहिए, लेकिन लंबाई इसकी करीब 500 मीटर कम है फिर भी यहां पर छोटे विमान आसानी से उतर सकते हैं। राज्य सरकार राज्य में नया पर्यटन हब विकसित करने के प्रयास में हैं।

6 माह में पूरा होगा काम

सहायकअभियंता सुशील गोयल ने बताया कि सुदृढ़ीकरण के तहत सोजत हवाई पट्टी का बिल्कुल नया डामरीकरण होगा। इसके अलावा हवाई पट्टी क्षेत्र की सुरक्षा दीवार को दो फीट ऊंचा किया जाएगा। उस पर दो फीट की कंटीले तारों से तारबंदी की जाएगी। इससे कोई वाहन चालक अथवा मवेशी अंदर प्रवेश नहीं कर सकेगा। इसके अलावा यहां उगी कंटीली झाड़ियां भी पूरी तरह साफ करवा कराई जाएगी। इसके अलावा रनवे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की लैंड मार्किंग की जाएगी। इससे पायलटों को विमान के टेक ऑफ लैडिंग के समय आसानी रहे। इसके अलावा रनवे को दोनों तरफ से ढाई-ढाई मीटर और चौड़ा किया जाएगा। वह ग्रेवल सड़क के रूप में तैयार होगा। साथ ही यहां स्थित हेलीपेड को भी नए सिरे से तैयार किया जाएगा।

सोजत हवाई पट्टी की रि-कार्पेटिंग, 5 मीटर चौड़ाई बढ़ाना, चारदीवारी को ऊंचा करना सफाई करवाना

इनको होगा फायदा

1.दो लाख से ज्यादा पाली और उससे लगते जालोर, सिरोही जोधपुर जिले के प्रवासी रहते हैं दक्षिण भारत में, जो हवाई यात्रा करने में सक्षम हैं।

2.पाली से दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर गुजर रहा है।

3.600 टैक्सटाइल इंडस्ट्री यूनिट हैं पाली में, उद्यमी देशभर से आते-जाते रहते हैं।

4.तीन बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियां हैं, जबकि निकट भविष्य में जैतारण, सरदार समंद, पाली जिले में और औद्याेगिक निवेश की तैयारियां

5.जोधपुर में वायुसेना का बेस है, जरूरत पड़ने पर छोटे लड़ाकू विमानों के लिए भी विकल्प मिलेगा

यह होगा फायदा

{जिले के प्रवासी मारवाड़ी विभिन्न सेक्टर में देश के बड़े उद्यमी हैं, अभी सीधी कनेक्टिविटी के अभाव के कारण साल में एकाध बार अथवा कभी कभार ही पाते हैं। यहां से हवाई यात्रा की सुविधा मिली तो उनकी आवाजाही बढ़ेगी और जिले के उनसे संबंधित गांवों का विकास होगा

{ जिलेमें औद्योगिक विकास की संभावनाएं अौर बढ़ेंगी, निवेशक सीधे पहुंच सकेंगे

{चिकित्सा सुविधाएं भी मजबूत होंगी, इमरजेंसी में एयर एंबुलेंस जैसी सुविधाएं तत्काल मिल सकेंगी

{ रणकपुर,जवाई जिले के पर्यटक स्थलों पर पयर्टकों की संख्या भी बढ़ेगी और विकास भी होगा

7 सीटर विमानअभी यहां उतर सकते हैं, हवाई पट्टी की मरम्मत के बाद

128 बीघा जमीनहै एयर स्ट्रिप के लिए

1170मीटर लंबीऔर 30 मीटर चौड़ी

2003 मेंबनी थी जिले की एकमात्र हवाई पट्टी

1करोड़ 3 लाखरुपए आई थी लागत

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