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चार कॉटेज वार्ड को ही बना दिया आइसोलेशन कक्ष
स्वाइन से जैतारण के युवक की मौत, दो और पॉजीटिव
जिले में स्वाइन फ्लू से जैतारण के एक युवक की मौत हो गई है। वह शनिवार को ही जोधपुर में भर्ती हुआ था। एमडीएम हॉस्पिटल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जिले में स्वाइन से यह तीसरी मौत है। इससे पहले देवली कलां की एक महिला सादड़ी के युवक की मौत हो चुकी है। वहीं शनिवार को जांच में सोजत की 65 वर्षीय रामदेवी और मारवाड़ जंक्शन के 55 वर्षीय घेवरराम को स्वाइन से संक्रमित माना गया है। पाली शहर में दो और संदिग्ध बांगड़ अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इनके स्वाब के नमूने भी जांच के लिए जोधपुर भिजवाए गए हैं।
स्कूलोंमें भी पिलाया जा रहा है काढ़ा
आयुर्वेदविभाग की ओर से स्वाइन से बचाव के लिए शहर के सरकारी स्कूलों में बच्चों को गौजिव्हादि क्वाथ दशमूल क्वाथ पिलाया जा रहा है।
जोधपुर में संभाग भर से ज्यादा सैंपल आने के कारण जांच कार्य प्रभावित हो रहा है। दो दिन बाद भी पाली से भेजी गए नमूनों की जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि कुछ सैंपल जांच के लिए अब दिल्ली भेजे गए हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग 12 से 20 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट देने का दावा कर रहे हैं। बांगड़ में भर्ती दो बच्चों एक महिला मरीज की अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
27को टेमी फ्लू की खुराक
कलेक्टरसे मिले कारण बताओ नोटिस के बाद बांगड़ के नर्सिंग स्टाफ पल्स पोलियो की तर्ज पर गली मोहल्लों में जाकर सर्वे में जुटे हैं। शनिवार को 94 टीमों ने 9,146 घरों में जाकर 50,357 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। जिसमें से 385 लोगों में सर्दी, जुकाम और खांसी के लक्षण पाए गए जबकि 5 लोगों में स्वाइन के शुरुआती लक्षण पाए गए, जिन्हें टेमी फ्लू देकर चार दिनों बाद अस्पताल जांच के लिए आने को कहा। इसी तरह बांगड़ के ओपीडी में आज दो और लोगों के स्वाब टेस्ट लिए गए जबकि 22 लोगों को टेमी फ्लू की दवाइयां दी गई।
स्वाइन फ्लू के लक्षण भी सामान्य इन्फ्लूएंजा के लक्षणों की तरह ही होते हैं। बुखार, तेज ठंड लगना, गला खराब हो जाना, मांसपेशियों में दर्द होना, तेज सिरदर्द होना, खांसी आना, कमजोरी महसूस करना आदि लक्षण इस बीमारी के दौरान उभरते हैं। इस साल इंसानों में जो स्वाइन फ्लू का संक्रमण हुआ है,वह तीन अलग-अलग तरह के वायरसों के मिश्रण से उपजा है।
स्वाइनफ्लू हो, इसके लिए करते रहें यह उपाय
{साफ-सफाईका ध्यान रखें, फ्लू के शुरुआती लक्षण दिखते ही सावधानी बरतें इस बीमारी के फैलने के चांस के बराबर हो जाते हैं।
{ जब भी खांसी या छींक आए रूमाल या टिश्यू पेपर यूज करें।
{इस्तेमाल किए मास्क या टिश्यू पेपर को ढक्कन वाले डस्टबिन में फेंकें।
{थोड़ी-थोड़ी देर में हाथ को साबुन और पानी से धोते रहें।
{लोगों से मिलने पर हाथ मिलाने, गले लगने या चूमने से बचें।
{फ्लू के शुरुआती लक्षण दिखते ही अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
{अगर फ्लू के लक्षण नजर आते हैं तो दूसरों से 1 मीटर की दूरी पर रहें।