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विदेशी कपल सोजती गेट पर जाम देख पहले घबराया, फिर पुलिस की मदद में जुटा, कहा- जोधपुर के लोगों में नहीं है ट्रैफिक सेंस
शहरमें कुछ दिन पहले लगातार हुए सड़क हादसों में कुछ लोग जान से हाथ धो बैठे तो पुलिस-प्रशासन ने शहरवासियों को ट्रैफिक सेंस सिखाने के लिए अभियान चलाया। कुछ दिन तो सब ठीक चला, लेकिन सोमवार को अमावस्या के अवसर पर घंटाघर क्षेत्र में लगने वाले बाजार के कारण शहर की हार्टलाइन पर सोजती गेट क्षेत्र में पुरी तिराहे पर दोनों ओर वाहनों का ऐसा जाम लगा, जैसे पुलिस-प्रशासन नाम की कोई चीज ही नहीं हो। इस जाम में आॅस्ट्रेलिया से आए अमांडा और स्टीफन भी फंस गए। पहले तो दोनों घबरा गए, लेकिन फिर जाम खुलवाने के लिए ट्रैफिक पुलिस की मदद में जुट गए। दोनों दोपहर करीब ढाई से साढ़े तीन बजे तक एक घंटे के दौरान नियम तोड़ रहे वाहन चालकों को समझाते भी रहे।
दोनों आॅस्ट्रेलिया में सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद तीन महीने के लिए भारत भ्रमण पर आए हुए हैं। वे दिल्ली से मोटरसाइकिल पर जोधपुर आए थे। सोमवार को पुरी तिराहे पर नजारा देखा तो हतप्रभ रह गए। फिर वाहन चालकों को ट्रैफिक नियम तोड़ते और जाम लगता देख पुलिस की मदद के लिए खड़े हो गए। अमांडा तो गुमटी में खड़ी होकर ट्रैफिक सुचारु करने के लिए वाहन चालकों को डायरेक्शन देने लगीं। वहीं स्टीफन ने नियम तोड़ने वाले चालकों से समझाइश की। स्टीफन ने उन्हें लेन में चलने, हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करने सहित पैदल चलने के लिए जेबरा लाइन और फुटपाथ का उपयोग करने की सीख दी। अमांडा ने कहा कि जोधपुर के लोग अच्छे हैं, लेकिन उनमें ट्रैफिक को लेकर कोई सेंस ही नहीं है।
कब कौन कहां से गाड़ी लेकर आपके आगे से निकल जाए या आगे जाए, पता ही नहीं चलता। यहां के लोगों को ट्रैफिक सेंस सीखना निहायत ही जरूरी है।