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अमृत योजना में सिकंदराबाद की कंपनी बनाएगी डीपीआर, कंपनी के प्रतिनिधि पाली पहुंचे

5 वर्ष पहले
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ड्राफ्ट डीपीआर मार्च के पहले सप्ताह तक जमा होने की उम्मीद

भास्करसंवाददाता | पाली

केंद्रसरकार की महत्वाकांक्षी अमृत योजना को धरातल पर लाने की तैयारियां शुरू हो गई है। शहर में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध के लिए मंजूर की गई योजना की डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी सिकंदराबाद की वितीया कंसल्टेंट्स प्रा. लिमिटेड कंपनी को सौंपा गया है। डीपीआर बनाने का टेंडर 30 लाख रुपए में इश्यू किया गया है। सोमवार को कंपनी के इंफ्रा हेड आनंद कुमार कोपू अन्य अधिकारियों के साथ पाली पहुंचे। इन अधिकारियों ने नगर परिषद एक्सईएन केपी व्यास नगर परिषद के इंजीनियर्स के साथ शहर की भौगोलिक स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही योजना के तहत बनने वाले प्रोजेक्ट को लेकर भी विस्तृत रूप से चर्चा की।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़े शहराें को स्मार्ट सिटी बनाने की तर्ज पर छोटे शहरों में भी आधारभूत सुविधाओं उपलब्ध कराने के लिए अमृत योजना की घोषणा की थी। इसमें पाली शहर को भी शामिल किया है। 100 करोड़ रुपए की योजना के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के लिए राज्य सरकार ने गत दिनों निविदा निकाली थी। यह निविदा सिकंदराबाद की कंपनी वितीया कंसल्टेंट्स प्रा. लिमिटेड के नाम पर खुली है। डीपीआर को जल्द ही अमलीजामा पहनाने के लिए सेामवार को कंपनी के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर आवश्यकता तथ्य जुटाए, ताकि डीपीआर में इसे शामिल किया जा सके।

मार्चके पहले सप्ताह में ही बनकर तैयार होगी डीपीआर : वितीयाकंसल्टेंट्स प्रा. लिमिटेड कंपनी सिकंदराबाद के इंफ्रा हेड आनंदकुमार कोपू को शहर का भ्रमण करवाया। इस दौरान नगर परिषद एक्सईएन व्यास ने कंपनी के इंफ्रा हेड कोपू को योजना के तहत शहर में होने वाले विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी। शेष|पेज14



कंपनीके इंफ्रा हेड कोपू ने बताया कि शहर का निरीक्षण करने के साथ अमृत योजना के तहत होने वाले कार्यों की ड्राफ्ट डीपीआर बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। कंपनी की ओर से मार्च प्रथम सप्ताह तक नगर परिषद को ड्राफ्ट डीपीआर बनाकर राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके बाद योजना के तहत कार्य शुरू करने के लिए टैंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

प्रथमचरण में होंगे तीन प्रमुख कार्य

1.20 करोड़ से बनेगा स्ट्रांग वाटर ट्रीटमेंट प्लांट

- सीवरेज की पाइपलाइन से आने वाले गंदे पानी को ट्रीट किया जाएगा। इस ट्रीट पानी को सिंचाई तथा फैक्ट्रियों में उपयोग में लिया जाएगा। स्ट्रांग वाटर को ट्रीट करने की जिम्मेदारी पहले एलएंडटी की होगी। इसके बाद संबंधित एजेंसी की तरफ से ट्रीट किया जाएगा।

2. 25 करोड़ से निचली बस्तियों में लगेंगे आरओ प्लांट

-अमृत योजना के तहत आरओ प्लांट भी लगाए जाएंगे। यह आरओ प्लांट पहले चरण में शहर की निचली बस्तियों में स्थापित होंगे, ताकि इन बस्तियों में रहने वाले नागरिकों को शुद्ध पीने का पानी मिल सके। इसके साथ ही बरसाती पानी का भी स्टोरेज होगा।

3. 5 करोड़ में होंगे गार्डन डवलपमेंट

शहर में अमृत योजना के तहत हरियाली का दायरा बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा। इसमें नए स्थानों पर गार्डन भी बनाए जाएंगे। पहले शहर के मंडिया रोड क्षेत्र में आबाद खोड़िया बालाजी क्षेत्र में गार्डन विकसित करने का प्लान बनाया है। साथ ही नए पार्किंग स्थल भी बनाए जाएंगे।

द्वितीय चरण में यह हाेंगे प्रमुख कार्य

ड्रेनेज सिस्टम सुधारने खर्च होंगे 20 करोड़

शहर में ड्रेनेज सिस्टम को सुधारेंगे, शहर के बाहरी क्षेत्र जहां बारिश का पानी जमा होता है वहां नालों जल नालों का निर्माण कर पानी को निकालने के लिए सशक्त प्लान तैयार करवाया जाएगा।

मल गाद प्रबंधन रू खर्च होंगे 10 करोड़

मल गाद प्रबंधन के लिए कम लागत पर सफाई परिवहन और शोधन के लिए सीवर और सेप्टिक टैंक की यांत्रिकी और जैविक सफाई करने और सीवरेज प्रबंधन का कार्य भी इस योजना के तहत करवाया जाएगा।

शहरी परिवहन पर खर्च होंगे 20 करोड़

अमृत योजना में शहरी परिवहन में सुधार का कार्य भी किया जाएगा। जिसके तहत फुटपाथ फुटओवर ब्रिज का निर्माण, शहर की पार्किंग की समस्या का समाधान के भूमिगत पार्किंग बहुस्तरीय पार्किंग का निर्माण इस बजट से करवाया जाएगा।

नगरपरिषदकी भी योजना में 20 प्रतिशत होगी भागीदारी : मार्चमाह के प्रथम सप्ताह में डीपीआर तैयार हो जाने के बाद आगामी डेढ़ माह में फाइनल डीपीआर को स्वीकृत करवा कर वर्क आर्डर जारी करवा दिए जाएंगे। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में 20 फीसदी भागीदारी नगरपरिषद को देनी होगी। वहीं शेष 80 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार की ओर से दी जाएगी।

कंपनी के इंजीनियरों ने किया इन स्थानों का निरीक्षण

अमृतयोजना की डीपीआर तैयार करने से वितीया कंसल्टेंट्स प्रा लिमिटेड फर्म और निगम के अधिकारी सोमवार को शहर की विजिट किया। इस दौरान फर्म के इंफ्रा हैड कोपू के साथ निगम के तकनीकी अधिकारी शहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, आरओ वाटर प्लांट, ओवरब्रिज, अंडरब्रिज, सोजत रोड, सुमेरपुर बाईपास और पार्किंग की जगहों का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान कंपनी के इंफ्रा हैड कोपू ने नगर परिषद के अधिकारियों से शहर की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली।

डीपीआर बनाने के लिए वर्क ऑर्डर जारी

^सिकंदराबादकी वितीया कंसल्टेंट्स प्रा लिमिटेड को डीपीआर बनाने का वर्क आर्डर जारी कर दिए गए है। वितीया कंसल्टेंट्स प्रा. लिमिटेड के इंफ्रा हैड आनंद कुमार कोपू के साथ शहर का दौरा कर भौगोलिक स्थिति के बारे में जानकारी ली। -केपीव्यास, एक्सईन, नगर परिषद

मार्च माह के प्रथम सप्ताह में सौंपेंगे ड्राफ्ट डीपीआर

^कंपनीकी ओर से राज्य में बीकानेर, भीलवाड़ा एवं पाली में अमृत सीटी के तहत डीपीआर बनाने का कार्य किया जा रहा है। यहां अधिकारियों का अच्छा सहयोग मिल रहा हैं। कंपनी के कर्मचारियों ने कार्य शुरू कर दिया है। जल्द ही पाली में अपना ऑफिस खोल रहे हैं, जिससे कार्य जल्दी पूरा हो सके। हम नगर परिषद के अधिकारियों के साथ ही एलएंडटी एवं राजस्थान शहरी आधारभूत संरचना विकास परियोजना के अधिकारियों के साथ ड्राफ्ट डीपीआर मार्च के प्रथम सप्ताह में जमा कर देंगे। आनंदकुमार कोपू, हैड इंफ्रा, वितीया कंसल्टेंट्स प्रा लिमिटेड

अमृत योजना के तहत डीपीआर तैयार करने पाली में पहुंचे कंपनी के प्रतिनिधि।

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