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जनहित के मुद्दों को लेकर 10 को कांग्रेस करेगी धरना-प्रदर्शन

4 वर्ष पहले
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शहरगांवों की मुख्य समस्याओं के समाधान जनहित के मुद्दों को लेकर कांग्रेस की ओर से 10 अक्टूबर को पाली में कलेक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसी दिन कांग्रेस की ओर से सरकार की सदबुद्धि के लिए कलेक्ट्रेट के बाहर यज्ञ किया जाएगा, जबकि कांग्रेस कार्यालय से लेकर नहर पुलिया-सूरजपोल होते हुए जुलूस भी निकाला जाएगा। कांग्रेस की ओर से मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन का एजेंडे में पाली-जोधपुर हाईवे तथा पाली-देसूरी के बीच स्थित नियम विरुद्ध की जा रही टोल वसूली बंद कराने, पाली शहर में सीवरेज के लिए खोदी गई सड़कों का निर्माण कराने के साथ गांवों में व्याप्त समस्याओं के समाधान की मांग शामिल है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष चुन्नीलाल चाड़वास ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि 10 अक्टूबर को सुबह 10 बजे कांग्रेस भवन में सभी कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित होंगे, जो पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंच विरोध प्रदर्शन करेंगे। पत्रकार वार्ता में पाली नगर परिषद पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ यूथ कांग्रेस प्रदेश सचिव यशपाल सिंह कुंपावत भी मौजूद थे।

सीएमने की स्टेट हाईवे निर्माण की घोषणा, अब तक डीपीआर भी नहीं : कांग्रेसजिलाध्यक्ष चुन्नीलाल चाड़वास का दावा है कि जून, 2015 में मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जोधपुर से सोजत मार्ग को स्टेट हाईवे 58 के निर्माण के लिए 390 करोड़ रुपए की घोषणा की थी। पीपलाद की सभा में सीएम ने सात दिन में इस हाईवे के टेंडर जारी करने की घोषणा की थी, लेकिन दो साल में अब तक डीपीआर भी नहीं हो पाई। यह हाल जोधपुर से सरदार समंद-जाडन-मारवाड़ जंक्शन स्टेट हाईवे 61 का है, जिसकी घोषणा सीएम ने अपने पहले बजट में की थी। मगर चार साल बाद भी इस मार्ग की डीपीआर तक तैयार नहीं कराई गई।

इन मांगों पर भी कांग्रेस प्रशासन को घेरेगी

{पाली-जोधपुर नेशनल हाइवे तथा पाली-देसूरी मेगा हाईवे पर नियम विरुद्ध टोल बने हुए है, क्योंकि इन दोनों मार्गों पर तय मापदंड को पूरा किए बगैर ही टोल वसूली की जा रही है। दोनों मार्गों पर टोल वसूली बंद करने की मांग।

{ पाली में शहर में परिषद की ओर से सीवरेज पेयजल की पाइप लाइन बिछाने की आड़ में डेढ़ साल से सड़कें तोड़ी गई, जिसे अब तक दुरुस्त नहीं किया गया है। सीवरेज योजना में व्याप्त अनियमितताओं की भी जांच की मांग।

{ ऊर्जा राज्य मंत्री पाली जिले से होने के बावजूद पाली जिले में सबसे ज्यादा अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। गांवों में रबी की फसल बुवाई शुरू हो चुकी है, लेकिन समय पर बिजली नहीं दी जा रही है।

{ 7 वां वेतन आयोग लागू कराने तथा जिले में भी किसानों की कर्ज माफी, कृषि यंत्रों उपकरणों को जीएसटी से मुक्त कराने जैसी मांगों को लेकर भी प्रदर्शन किया जाएगा।

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