तिल की आवक बढ़ी, भाव गिरे
2015 4153 क्विंटल
सुजानगढ़ | कृषिउपज मंडी समिति में तिल की आवक बढ़ने से मंडी की आय में बढ़ोतरी हुई है। क्षेत्र में इस साल तिल की अच्छी उपज हुई है। इससे किसान अन्य कृषि उपजों की तुलना में तिल अधिक मात्रा में मंडी ला रहे हैं।
पिछले वर्ष की तुलना में तिल के समुचित भाव मिलने के बावजूद भी तिल की आवक पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ी है। इस कारण किसानों के साथ-साथ पल्लेदारों दुकानदारों की आमदनी बढ़ी है। दूसरी ओर जनवरी माह में अन्य अनेक कृषि उपजों की आवक घटी है। आवक घटने वाली उपज चना, मूंगफली मूंग है। किसानों को चना मूंग के भाव ठीक नहीं मिलने के कारण इसकी आवक कम हो गई है। तिल के भाव पिछले वर्ष 120 से 140 रुपए तक प्रति किलो थे। इस माह में 75 से 90 रुपए प्रति किलो के बीच झूल रहा है।
तिलकी आवक आंकड़ों में
मंडीसचिव सुरेंद्र बांगड़वा ने बताया कि अप्रैल 2013 से जनवरी 2014 तक तिल की आवक 9726 क्विंटल थी। इस वर्ष अप्रैल 2014 से जनवरी 2015 तक तिल की आवक 14 हजार 704 क्विंटल हुई। पिछले वर्ष इन दस माह में हुई तिल की आवक का मूल्यांकन मंडी ने 988.69 लाख रुपए आंका था। इस वर्ष के दस माह की आवक का मूल्यांकन मंडी ने 1215.57 लाख रुपए आंकलन होने से मंडी की आय बढ़ी है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष के दस माह में 226.88 लाख रुपए की तिल कीमत पर अधिक मंडी टैक्स मिला है। मंडी टैक्स 1.60 रुपया प्रति सैंकड़ा है।